फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार (परस राम भारती) ।
जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार की दुर्गम ग्राम पंचायत मशीयार में दोगडा पुल का निर्माण कार्य सात महीने बाद भी शुरू नहीं हो पाया है, जिससे कमेडा, मंझली और मशीयार गांवों के करीब पांच से छह सौ लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 13 अगस्त को आई भीषण प्राकृतिक आपदा में फलाचन नदी पर बना यह वाहन योग्य वैली ब्रिज बह गया था। इसके साथ ही दो पैदल पुलियां भी बाढ़ की भेंट चढ़ गई थीं। यह पुल क्षेत्र की जीवन रेखा माना जाता था और इसके बहने के बाद से ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
आपदा के बाद प्रशासन ने राहत के तौर पर एक पैदल पुल और एक झूला पुल बनाकर आवाजाही को आंशिक रूप से बहाल तो कर दिया, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण वाहन योग्य पुल का निर्माण आज तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है। न तो पुल के लिए स्थान का अंतिम चयन हुआ है और न ही नींव रखने की प्रक्रिया शुरू हो सकी है।
नदी से होकर गुजरना बन गया मजबूरी
इन गांवों के लोगों को अब आवागमन के लिए सीधे फलाचन नदी से होकर गुजरना पड़ रहा है। बठाहड़ स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं रोजाना जान जोखिम में डालकर नदी पार कर शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं। फिलहाल नदी का जलस्तर कम होने के कारण लोग और छोटे वाहन किसी तरह निकल रहे हैं, लेकिन यह स्थिति बेहद असुरक्षित बनी हुई है।
बर्फ पिघलने और बरसात से बढ़ेगा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ियों पर जमी बर्फ पिघलनी शुरू हो चुकी है, जिससे नदी का जलस्तर आने वाले दिनों में तेजी से बढ़ेगा। इसके बाद बरसात का मौसम शुरू होते ही नदी उफान पर होगी और इन गांवों का संपर्क पूरी तरह कट सकता है। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचाना भी असंभव हो जाएगा।
अभी नींव डालने का सबसे उपयुक्त समय
ग्रामीणों का कहना है कि इस समय नदी में पानी कम है और पुल की नींव रखने का कार्य आसानी से किया जा सकता है। यदि अभी भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो बरसात के दौरान काम करना लगभग असंभव हो जाएगा और समस्या एक और साल के लिए लटक जाएगी।
प्रशासन और सरकार से लगाई गुहार
पूर्व उपप्रधान प्रकाश ठाकुर, पूर्व वार्ड सदस्य भाग चंद सहित लाल चंद कारदार, हेत राम, हीरा लाल, अमर भारती, दलीप सिंह, गोपाल कृष्ण, दरबारी लाल, धर्म चंद, उत्तम राम, राम कृष्ण और डूर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, उपायुक्त कुल्लू और लोक निर्माण विभाग से पुल निर्माण को प्राथमिकता देने की मांग की है।

प्रकाश ठाकुर ने कहा कि दोगडा पुल केवल एक पुल नहीं, बल्कि इस दूरदराज क्षेत्र के लिए जीवन और विकास की मुख्य कड़ी है। समय रहते इसका निर्माण शुरू होना यहां की जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए बेहद जरूरी है।

पूर्व वार्ड सदस्य भाग चंद ने चेतावनी दी कि यदि बरसात से पहले पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आने वाले समय में क्षेत्र के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा और तीनों गांवों का संपर्क पूरी तरह बाधित हो सकता है।




























