फ्रंट पेज न्यूज़ आनी(राज शर्मा)
बिजली बोर्ड कर्मचारी, पेंशनर और इंजीनियर संगठनों ने बनाई आंदोलन की ठोस रणनीति
हिमाचल प्रदेश में बिजली क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने बिजली बिल विधेयक 2025–26 के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। आज हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड डिविजनल आनी कार्यालय परिसर में भोजन अवकाश के दौरान Himachal Pradesh State Electricity Board Employees Union, पेंशनर फोरम तथा Himachal Pradesh Electricity Engineers Association की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में संयुक्त एक्शन कमेटी ने 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तय की।

बैठक में कर्मचारी यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष झावे राम शर्मा, आनी इकाई के प्रधान प्रमोद शर्मा, सचिव रघुवीर भारती, उपाध्यक्ष तनुजी शर्मा मौजूद रहे। पेंशनर फोरम की ओर से नवल ठाकुर (प्रधान), नंद लाल शर्मा (महासचिव), पूर्ण चंद शर्मा (उपाध्यक्ष), भाग चंद ठाकुर (वरिष्ठ कार्यकारी सदस्य), शेर सिंह (कार्यकारी सदस्य), मूल चंद बीष्ठ (सेवा निवृत्त प्रबंधक, पीएनबी), कौल राम, प्रेम भारती (सह सचिव) और पूर्ण चंद (कार्यकारी सदस्य) ने भाग लिया।
आनी इकाई की नारी शक्ति के रूप में निर्मला ठाकुर, आरती शाह, रचना ठाकुर और कुमारी ट्विंकल की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही। इंजीनियर एसोसिएशन से इंजीनियर राजेश वर्मा, इंजीनियर अनुज और इंजीनियर मनोज ने भी बैठक में अपनी बात मजबूती से रखी। इसके अतिरिक्त ईश्वर जॉन, सनी, बिट्टू, उत्तम, रामसागर, राजेंद्र, मोहन, पवन, मदन, नारायण, गुलाब कटोच, बबलेश ठाकुर सहित अनेक सक्रिय साथियों ने आंदोलन के समर्थन में सहभागिता की।
सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि संसद में लाए जा रहे बिजली बिल विधेयक 2025–26 का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। वक्ताओं ने इसे कर्मचारियों के अधिकारों, पेंशनरों की सुरक्षा और आम बिजली उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ बताया। संयुक्त मंच ने आम उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे इस विधेयक के विरोध में आगे आएं, ताकि इसे संसद में पारित होने से रोका जा सके।
बैठक के अंत में सभी संगठनों ने एकजुट होकर 12 फरवरी 2026 के धरना-प्रदर्शन को पूरी ताकत से सफल बनाने का संकल्प दोहराया—यह संदेश साफ है कि बिजली क्षेत्र से जुड़ा हर वर्ग इस विधेयक के खिलाफ एकजुट है।




























