फ्रंट पेज न्यूज डेस्क।
SU-30MKI, असम के जंगलों में गिरा विमान
भारत की वायु शक्ति की रीढ़ माने जाने वाले अत्याधुनिक लड़ाकू विमान SU-30MKI से जुड़ी एक और चिंताजनक खबर सामने आई है। गुरुवार को भारतीय वायुसेना का यह शक्तिशाली फाइटर जेट असम के करबी आंगलोंग जिले के पहाड़ी और घने जंगलों वाले क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान ने शाम को जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन से नियमित प्रशिक्षण मिशन के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही उसका रडार से संपर्क अचानक टूट गया। इसके बाद वायुसेना और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार शाम के समय पहाड़ी इलाके में जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद जंगल की ओर धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। माना जा रहा है कि उसी स्थान पर यह फाइटर जेट क्रैश हुआ। इलाके की भौगोलिक स्थिति बेहद कठिन होने के कारण राहत और बचाव टीमों को मौके तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वायुसेना के हेलीकॉप्टर और ग्राउंड टीमों को भी तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया, ताकि पायलटों और विमान के मलबे का पता लगाया जा सके।
SU-30MKI भारतीय वायुसेना का सबसे शक्तिशाली मल्टी-रोल लड़ाकू विमान माना जाता है, जो हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है। रूस की सुखोई कंपनी द्वारा डिजाइन किए गए इस विमान को भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के सहयोग से तैयार किया जाता है। भारत के पास इस समय करीब 272 SU-30MKI विमान हैं, जो देश की वायु रक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं।
हालांकि इस ताकतवर फाइटर जेट का रिकॉर्ड पूरी तरह बेदाग नहीं रहा है। पिछले लगभग 12 वर्षों में SU-30MKI से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार 2014 से लेकर अब तक इस विमान के कम से कम आठ बड़े हादसे दर्ज किए जा चुके हैं। कभी तकनीकी खराबी, कभी प्रशिक्षण उड़ान के दौरान त्रुटि और कभी अन्य कारणों से यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। 2017 में राजस्थान के बाड़मेर और असम के तेजपुर में भी SU-30MKI हादसों ने चिंता बढ़ाई थी, जबकि 2019 में भी असम में एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
इन हादसों ने समय-समय पर वायुसेना के बेड़े की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं। हालांकि भारतीय वायुसेना का कहना है कि हर दुर्घटना के बाद विस्तृत जांच की जाती है और सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाता है। कई बार दुर्घटनाओं के पीछे तकनीकी खराबी के साथ-साथ मानव त्रुटि और मौसम जैसी परिस्थितियां भी जिम्मेदार पाई गई हैं।
असम में हुई ताजा दुर्घटना को लेकर अभी आधिकारिक जांच शुरू की जा रही है। दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए वायुसेना की विशेष जांच टीम बनाई जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाएगा कि यह हादसा तकनीकी खराबी, मौसम या किसी अन्य कारण से हुआ।






























