फ्रंट पेज न्यूज़ सुंदरनगर(विजय)।
प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति और आस्था के प्रतीक राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेला 2026 के सफल आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस वर्ष यह पांच दिवसीय मेला 23 मार्च से 27 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। मेले को सुव्यवस्थित और भव्य रूप देने के लिए सुकेत सर्व देवता कमेटी ने विस्तृत रणनीति तैयार करते हुए विभिन्न समितियों का गठन किया है।

इस संबंध में सुकेत सर्व देवता कमेटी के सचिव जयराम ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले की तैयारियों को लेकर प्रधान डॉ. अभिषेक सोनी की अध्यक्षता में सुंदरनगर रेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक, धार्मिक और व्यवस्थागत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष नलवाड़ मेला और देवता मेला एक साथ आयोजित हो रहे हैं, इसलिए व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए कई समितियों का गठन किया गया है, ताकि आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
मेले की शोभायात्रा व्यवस्था के लिए रोशन लाल, तिलक राज, युधिष्ठिर और संतराम ठाकुर को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मेला मैदान में पंडाल व्यवस्था की जिम्मेदारी जयराम, देवकी नंदन, युधिष्ठिर, नागणू, नानक चंद और रूप लाल को सौंपी गई है।
इसके अतिरिक्त भोजन व्यवस्था समिति में श्याम लाल और रमेश को शामिल किया गया है, जबकि मंच संचालन समिति में प्रेम, रामदास और रोशन लाल को जिम्मेदारी दी गई है। कारदार संपर्क कार्यालय के लिए जयराम, खजाना राम और कर्म सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं मीडिया समन्वय समिति में धनदेव और रवि को शामिल किया गया है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर परिस्थितियों के अनुसार समितियों के सदस्यों की जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया जा सकता है। साथ ही मेले की व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए युवा देवलुओं को भी समितियों में शामिल किया जाएगा, ताकि आयोजन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
कमेटी ने यह भी तय किया कि देवताओं की शोभायात्रा के दौरान किसी प्रकार का हुड़दंग या अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रशासन से समन्वय स्थापित किया जाएगा और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। शोभायात्रा को पारंपरिक गरिमा और अनुशासन के साथ संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।
देवलुओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुकेती धाम में विशेष आवास व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा गर्मी को देखते हुए मेला मैदान में समय-समय पर शुद्ध जल का छिड़काव करने और देवी-देवताओं के पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कुछ देवी-देवता दो दिन तक मेला मैदान में विराजमान रहते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए 23 और 24 मार्च को सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन नहीं किया जाएगा, ताकि धार्मिक परंपराओं की मर्यादा बनी रहे।
अंत में सुकेत सर्व देवता कमेटी ने क्षेत्र की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे पूर्व की भांति देवता कमेटी और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि यह ऐतिहासिक मेला शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और भव्य रूप से संपन्न हो सके।

































