फ्रंट पेज न्यूज़ नई दिल्ली ।
केंद्र सरकार ने साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे राष्ट्रीय अभियान में दिसंबर 2025 तक महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। गृह मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से अब तक 12,00,000 से अधिक संदिग्ध SIM कार्ड रद्द किए हैं और लगभग 3,00,000 मोबाइल डिवाइसों के IMEI (International Mobile Equipment Identity) को ब्लॉक किया है। इससे पहले साइबर अपराधियों द्वारा गलत तरीकों से उपयोग किए जा रहे फोन और नेटवर्क लेन-देन को रोकने में मदद मिली है।
इन कड़ी कार्रवाइयों के तहत, 20,853 से अधिक आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो साइबर अपराध, धोखाधड़ी और डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में शामिल पाए गए हैं। सरकार के मुताबिक, यह कार्रवाई घरेलू सुरक्षा नेटवर्क और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इन सावधानियों के साथ ही गृह मंत्रालय ने डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ काम कर रहे कानून-अनुसंधान एजेंसियों, राज्यों की पुलिस, सीबीआई, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), वित्तीय संस्थानों और दूरसंचार ऑपरेटरों के बीच तालमेल बढ़ाया है ताकि साइबर नेटवर्क से जुड़े खतरों का समय पर सामना किया जा सके।
विशेष रूप से भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और उसके सहयोगी प्रदेशिक समन्वय केंद्र (S4C) को और अधिक प्रभावी बनाया गया है ताकि शिकायतों का तेज समाधान हो और अपराधी नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
इस व्यापक रणनीति का लक्ष्य न केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना है, बल्कि साइबर अपराधों की रोकथाम, सार्वजनिक जागरूकता, तकनीकी मजबूती और डिजिटल सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करना भी है।




























