फ्रंट पेज न्यूज़ कुल्लू।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश में शास्त्रीय संगीत की समृद्ध और जीवंत परंपरा को पिछले पच्चीस वर्षों से निरंतर आगे बढ़ा रही श्याम संगीत सम्मेलन समिति (रजि.), कुल्लू अपना 25वां श्याम संगीत सम्मेलन 7 फरवरी 2026 (शनिवार) को देव सदन में आयोजित करने जा रही है। यह आयोजन समिति की रजत जयंती के रूप में मनाया जा रहा है, जिसे कुल्लू घाटी के सांस्कृतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।

आज के दौर में जब सांस्कृतिक सरोकारों का क्षरण स्पष्ट दिखाई देता है, ऐसे समय में श्याम संगीत सम्मेलन समिति द्वारा लगातार आयोजित किए जा रहे शास्त्रीय संगीत समारोह परंपरा के संरक्षण का सशक्त उदाहरण हैं। इन आयोजनों ने न केवल भारतीय शास्त्रीय संगीत की मूल आत्मा को जीवित रखा है, बल्कि नई पीढ़ी को भी संगीत की इस समृद्ध धारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। यही कारण है कि यह सम्मेलन अब केवल एक वार्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सशक्त सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
रजत जयंती समारोह की मुख्य अतिथि होंगी श्रीमती बाला जॉनसन, निदेशक, तारा इंटरनेशनल स्कूल, रायसन (कुल्लू)। वहीं विशेष अतिथि के रूप में मदन लाल कौशल, पुलिस अधीक्षक, कुल्लू कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे। अतिथियों की उपस्थिति इस आयोजन के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को और अधिक रेखांकित करती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरा के अनुरूप सायं 5:00 बजे मुख्य अतिथि के आगमन से होगा। सायं 5:15 बजे दीप प्रज्वलन के साथ औपचारिक शुरुआत की जाएगी, जिसके उपरांत शासकीय संगीत महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की जाएगी। सायं 5:45 बजे समिति के अध्यक्ष डॉ. भरत ठाकुर द्वारा मुख्य अतिथि का सम्मान एवं स्वागत संबोधन किया जाएगा, जबकि सायं 6:00 बजे मुख्य अतिथि द्वारा सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।
संगीत संध्या का क्रम सायं 6:15 बजे से स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ आरंभ होगा। इसके पश्चात देश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी साधना से श्रोताओं को शास्त्रीय संगीत की ऊँचाइयों से रूबरू कराएंगे। सायं 7:00 बजे पं. मधुरेश भट्ट (पटियाला) का तबला वादन होगा, जिनके साथ संगत करेंगे डॉ. योगेश गर्ग (हारमोनियम)। सायं 7:30 बजे पं. राजेन्द्र प्रसाद (दिल्ली) द्वारा बांसुरी वादन प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें तबले पर संगत पं. अभिषेक मिश्र करेंगे। सायं 8:30 बजे कर्नाटक से पं. केशव्या कुमार गौरव का शास्त्रीय गायन होगा, जिनके साथ तबले पर पं. मधुरेश भट्ट और हारमोनियम पर डॉ. योगेश गर्ग संगत करेंगे।
श्याम संगीत सम्मेलन समिति का यह 25वां आयोजन इस तथ्य की सशक्त घोषणा है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि संकल्प दृढ़ हो, तो सांस्कृतिक मूल्यों को न केवल संरक्षित किया जा सकता है, बल्कि उन्हें सशक्त रूप से आगे भी बढ़ाया जा सकता है। यह रजत जयंती समारोह शास्त्रीय संगीत के प्रति समिति की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और साधना का सार्वजनिक उत्सव है।
समिति ने क्षेत्र के समस्त संगीत प्रेमियों, कलाकारों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक रजत जयंती समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाएं और भारतीय शास्त्रीय संगीत की इस अनुपम साधना के साक्षी बनें।




























