फ्रंट पेज न्यूज़ (शर्मा आर सी)आनी (कुल्लू)
आउटर सराज क्षेत्र के आराध्य देवता साहिब वेदव्यास कुंईरी महादेव जी के शाठकी केंद स्थित पावन धाम झरौणू में नवनिर्मित मंदिर की प्रतिष्ठा के उपरांत अब श्रीमद्भागवत महायज्ञ के भव्य आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इस धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है।

श्रीमद्भागवत महायज्ञ कमेटी के मीडिया अध्यक्ष आशीष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि देवता साहिब के मंदिर परिसर झरौणू में तीन गढ़ और सात हारियानों की एक महत्वपूर्ण आम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कारदार इन्द्र सिंह ठाकुर और मंगत राम ठाकुर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें महायज्ञ के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ज्येष्ठ माह की 12 प्रविष्टि, तदनुसार 26 मई 2026 से श्रीमद्भागवत महायज्ञ का शुभारंभ किया जाएगा। इसके लिए देवता साहिब अपने मूल स्थान प्रभु स्वधाम कुंईर से ज्येष्ठ 9 प्रविष्टि (23 मई 2026) को अपने लाव-लश्कर सहित झरौणू के लिए प्रस्थान करेंगे। 10 प्रविष्टि को झरौणू में देवता का विश्राम होगा, जबकि 11 प्रविष्टि को विधिवत ध्वजारोहण किया जाएगा।

12 प्रविष्टि (26 मई) को प्रातः जलयात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ होगा। यह धार्मिक आयोजन ज्येष्ठ 18 प्रविष्टि, तदनुसार 1 जून 2026 को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा।
प्रबंधन कमेटी का गठन
महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन भी सर्वसम्मति से किया गया। मुख्य प्रबंधन कमेटी में खेमचंद रोपा को अध्यक्ष, बेलीराम लोहाल को उपाध्यक्ष, भीमसेन टिपर को सचिव, विधुचंद ठाकुर काण्डा को सहसचिव और परसराम दोघरी को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

इसके अतिरिक्त सुरेश कुमार लोहाल, नारायण दास काण्डा, बिहारी लाल मिथ्नु, मोहर सिंह काण्डा, तारा चंद निंगलू, रोशन लाल सीन, जगदीश सिनवी और ख्याले राम लोहाल को सदस्य बनाया गया है।
विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग कमेटियां
आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सजावट, मीडिया व सोशल मीडिया, सामग्री खरीद, स्वागत, भंडार, धन संग्रह, बिजली-पानी, मंच संचालन, सुरक्षा, परिवहन, हवन-प्रसाद, घी तलाई, शौचालय, जलपान एवं भोजन प्रबंधन सहित विभिन्न कमेटियों का भी गठन किया गया है।

श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
कारदार इन्द्र सिंह ठाकुर और मंगत राम ठाकुर ने तीन गढ़ और सात हारों के सभी हारियानों से अपील की है कि वे देवता के सान्निध्य में आयोजित इस पावन श्रीमद्भागवत कथा एवं महायज्ञ में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दें।
इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक आस्था और उत्साह चरम पर है, तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना जताई जा रही है।















