फ्रंट पेज न्यूज़,बंजार।
बंजार नगर पंचायत क्षेत्र में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की रिफिलिंग और बुकिंग से जुड़े नियमों को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत गैस सिलेंडर की बुकिंग अथवा रिफिलिंग के लिए लगभग 45 दिनों का अंतराल रखा जा रहा है, जबकि वास्तविक परिस्थितियों में एक घरेलू सिलेंडर इतने लंबे समय तक नहीं चल पाता।

स्थानीय लोगों के अनुसार आज के समय में दो से तीन सदस्यों वाले छोटे परिवारों में भी एक गैस सिलेंडर को 45 दिनों तक चलाना बेहद कठिन है। अधिकांश परिवारों का अनुभव है कि नियमित खाना बनाने की स्थिति में एक सिलेंडर लगभग 30 दिनों के आसपास ही समाप्त हो जाता है। ऐसे में पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए 45 दिन तक एक ही सिलेंडर पर निर्भर रहना और भी मुश्किल हो जाता है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि यद्यपि कई परिवार गैस की खपत कम करने के लिए इंडक्शन चूल्हों, इलेक्ट्रिक हीटरों और अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग भी कर रहे हैं, इसके बावजूद रसोई गैस की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त नहीं होती। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भोजन पकाने का मुख्य साधन आज भी एलपीजी गैस ही है। ऐसे में गैस समाप्त होने पर परिवारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय नागरिकों का तर्क है कि बंजार को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त है और यह क्षेत्र एक विकसित कस्बाई क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। प्रदेश के अनेक नगर पंचायतों, नगर परिषदों और शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 30 दिन बाद गैस बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है, जबकि बंजार में अब भी 45 दिन की व्यवस्था लागू रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि यदि क्षेत्र को शहरी सुविधाओं के दायरे में शामिल किया गया है तो गैस वितरण व्यवस्था में भी शहरी मानकों के अनुरूप सुधार किया जाना चाहिए।

उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि बंजार क्षेत्र में अधिकांश घरों में पारंपरिक लकड़ी के चूल्हों का उपयोग अब पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। पर्यावरणीय कारणों, बदलती जीवनशैली और सुविधाजनक रसोई व्यवस्था के चलते लोग एलपीजी गैस पर अधिक निर्भर हो गए हैं। ऐसे में गैस बुकिंग में देरी सीधे तौर पर आम परिवारों की दैनिक जीवनचर्या को प्रभावित करती है।

क्षेत्र के लोगों ने संबंधित गैस एजेंसियों तथा प्रशासन से मांग की है कि बंजार नगर पंचायत क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग अवधि को 45 दिनों से घटाकर 30 दिन किया जाए। उनका कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और रसोई गैस की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
स्थानीय उपभोक्ताओं का मानना है कि बढ़ती महंगाई और घरेलू आवश्यकताओं के बीच गैस की समय पर उपलब्धता एक बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। ऐसे में सरकार और संबंधित गैस कंपनियों को क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों का आकलन कर उपभोक्ता हित में उचित निर्णय लेना चाहिए।








