फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन केवल सरकारी नियमों का विषय नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य और सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ा एक व्यापक संकल्प है। इसी उद्देश्य को मूर्त रूप देते हुए बंजार खंड विकास कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के तत्वावधान में खाद्य सुरक्षा लाइसेंस एवं पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के खाद्य व्यवसायियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर जागरूक समाज की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. सतप्रकाश कत्याल की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को सामाजिक सरोकारों से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित खाद्य व्यवस्था केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि आम नागरिक के स्वास्थ्य की रक्षा का सशक्त माध्यम है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने खाद्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण और सरकारी राशन की गुणवत्ता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

शिविर का शुभारंभ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष का स्वागत व्यापार मंडल बंजार के अध्यक्ष परमेश शर्मा द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। इस अवसर पर डीएफसी कुल्लू मधुसूदन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने स्वागत संबोधन में व्यापार मंडल प्रधान परमेश शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार व्यापारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इससे विभागीय दिशानिर्देशों की स्पष्ट जानकारी मिलती है और विभाग व व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है। उन्होंने राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष तथा समस्त अधिकारियों का मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि व्यापारी वर्ग अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ रखेगा और किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगा। साथ ही विभाग से समय-समय पर ऐसे शिविर आयोजित करने का आग्रह भी किया।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जिला कुल्लू अनिल शर्मा तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीम सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में व्यापारियों को लाइसेंस और पंजीकरण प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई गई। होटल, ढाबा, कैफे, होमस्टे, रिसोर्ट और कैंप साइट संचालकों के साथ-साथ मिठाई, मांस, चिकन विक्रेता, सब्जी विक्रेता तथा अन्य खाद्य वस्तुओं के विक्रेताओं ने सक्रिय भागीदारी की।
शिविर की विशेषता यह रही कि इसे केवल औपचारिक जानकारी तक सीमित न रखकर संवाद का मंच बनाया गया। व्यापारियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं खुलकर रखीं, जिनका अधिकारियों ने मौके पर समाधान प्रस्तुत किया। इससे प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच विश्वास और सहयोग का वातावरण मजबूत हुआ।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य व्यवसाय के लिए लाइसेंस एवं पंजीकरण अनिवार्य है और नियमों की अनदेखी पर कड़े प्रावधान हैं। हालांकि इसका उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य संस्कृति का विकास है। उपभोक्ताओं को भी जागरूक करते हुए मिलावट या खराब गुणवत्ता की शिकायत मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 पर दर्ज करवाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने शिविर को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया। बड़ी संख्या में व्यापारियों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि बंजार क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले रही है—जहां प्रशासन, व्यापारी और आम नागरिक मिलकर स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में संगठित प्रयास कर रहे हैं।


























