कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई 5 मार्च से प्रभावित, उपभोक्ताओं को लगानी पड़ रही लंबी कतारें
फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब दूरस्थ क्षेत्रों तक महसूस किया जाने लगा है। कुल्लू जिले के बंजार क्षेत्र में भी रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से आम उपभोक्ताओं, ढाबा-होटल संचालकों तथा छोटे व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से गैस एजेंसी की सप्लाई गाड़ियां नियमित रूप से लोकल रूटों पर सिलेंडर वितरित नहीं कर पा रही हैं। रविवार को नगर पंचायत बंजार क्षेत्र में भी गैस की आपूर्ति नहीं हो सकी, जिससे उपभोक्ताओं को एजेंसी के चक्कर लगाने पड़े और लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा।
गैस एजेंसी का कहना है कि इन दिनों गैस की उपलब्धता में कमी चल रही है जिसके कारण घरेलू तथा कमर्शियल दोनों प्रकार के सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह सुचारू नहीं हो पा रही है। विशेष रूप से कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से ढाबों और होटलों के संचालन पर सीधा असर पड़ा है। कई छोटे व्यवसायियों ने बताया कि 5 मार्च से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं मिलने के कारण उन्हें अपना कामकाज बंद करना पड़ रहा है।

इस संबंध में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक (DFC) ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर फिलहाल कंपनियों द्वारा पर्याप्त मात्रा में नहीं भेजे जा रहे हैं, जिससे उनकी आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालांकि घरेलू गैस की आपूर्ति जारी है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में गैस एजेंसी के पास लगभग 70 घरेलू सिलेंडर उपलब्ध हैं और 17 मार्च को एक ट्रक में लगभग 370 सिलेंडर आने की संभावना है। एजेंसी की औसतन एक दिन की ग्राउंड सेल करीब 250 सिलेंडरों की रहती है। ट्रक पहुंचने के बाद रूटीन चार्ट के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में गैस आपूर्ति की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति में लगातार बाधा बनी रही तो ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और लोगों को वैकल्पिक ईंधन की ओर रुख करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुए तनाव का प्रभाव अब स्थानीय जीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बंजार क्षेत्र में गैस आपूर्ति में आई रुकावट ने आम लोगों से लेकर छोटे व्यापारियों तक की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। यदि कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो होटल-ढाबों और अन्य छोटे व्यवसायों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है। ऐसे में आवश्यक है कि संबंधित कंपनियां और प्रशासन शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और क्षेत्र की सामान्य व्यवस्था बहाल रह सके।














