अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित, राजनीतिक समीकरणों ने बढ़ाई दिलचस्पी।
फ्रंट पेज न्यूज़,( प्रमेश शर्मा)बंजार, कुल्लू।
नगर पंचायत बंजार के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। यह चुनाव नगर पंचायत बंजार के सभागार में संपन्न होगा, जहां निर्वाचन प्रक्रिया को पीठासीन अधिकारी एवं एसडीएम बंजार पंकज शर्मा अंतिम रूप देंगे।
इस बार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव बेहद रोचक एवं अप्रत्याशित परिणाम वाला माना जा रहा है।

नगर पंचायत बंजार में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। वर्तमान स्थिति में वार्ड नंबर-6 से निर्वाचित पार्षद धनवंती देवी ही नगर पंचायत की एकमात्र अनुसूचित जाति महिला पार्षद हैं। राजनीतिक गलियारों में उन्हें भाजपा समर्थित खेमे से जुड़ा माना जा रहा है।

नगर पंचायत के सात निर्वाचित पार्षदों में भाजपा के दो पार्षद, एक निर्दलीय पार्षद तथा चार पार्षद कांग्रेस समर्थित माने जा रहे हैं। ऐसे में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में राजनीतिक गणित काफी महत्वपूर्ण हो गया है। चुनाव प्रक्रिया के अनुसार किसी भी उम्मीदवार के नामांकन के लिए एक प्रस्तावक और एक समर्थक का होना आवश्यक है तथा यह भूमिका केवल निर्वाचित पार्षद ही निभा सकते हैं।

यदि चुनाव सर्वसम्मति से नहीं होता और मतदान की स्थिति बनती है, तो स्थानीय विधायक भी अपने वैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। इसी कारण राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजरें इस चुनाव पर टिकी हुई हैं।
नगर पंचायत बंजार का इतिहास भी इस संदर्भ में दिलचस्प रहा है। पूर्व में भी एक बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी है, जब नगर पंचायत में भाजपा के पास बहुमत था, जबकि अध्यक्ष पद के लिए पात्र महिला पार्षद कांग्रेस से संबंधित थी। उस समय राजनीतिक सहमति नहीं बन पाने के कारण पूरे कार्यकाल में अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका था और नगर पंचायत का संचालन उपाध्यक्ष के माध्यम से किया गया था।

वर्तमान परिस्थितियों में भी विभिन्न राजनीतिक संभावनाओं को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने समीकरण साधने में जुटी हुई हैं, जबकि निर्दलीय पार्षद की भूमिका भी निर्णायक मानी जा रही है।
अब सबकी नजरें कल होने वाले चुनाव पर टिकी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अंतिम समय तक समीकरण बदल सकते हैं और परिणाम अप्रत्याशित भी हो सकते हैं।

नगर पंचायत बंजार की सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी, इसका फैसला चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल क्षेत्र में यही चर्चा है कि राजनीति के इस दिलचस्प मुकाबले में “ऊंट किस करवट बैठता है”, इसका जवाब कल दोपहर तक मिल जाएगा।









