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“हिमाचली लोक साहित्य और भाषा” पर गूंजा मंडी का मंच, रचनात्मक विरासत के संरक्षण का लिया संकल्प

On: February 14, 2026 7:56 PM
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कुलदीप गुलेरिया के संयोजन में हुआ विचार मंथन

• साहित्य क्विज में युवाओं ने दिखाया उत्साह

• उपायुक्त अपूर्व देवगन ने किया सत्र का समापन


फ्रंट पेज न्यूज़ मंडी।


अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत आयोजित साहित्यिक श्रृंखला का पांचवां सत्र “हिमाचली लोक साहित्य और भाषा” विषय को समर्पित रहा, जिसमें प्रदेश की समृद्ध भाषाई परंपरा, लोक अभिव्यक्तियों और सांस्कृतिक विरासत पर गंभीर एवं सार्थक विमर्श हुआ। सत्र ने न केवल हिमाचल की लोकधारा की गूंज को मंच दिया, बल्कि उस शब्द-संस्कृति को भी सामने रखा जो पीढ़ियों से जनजीवन में रची-बसी है।
इस सत्र के संयोजक कुलदीप गुलेरिया रहे, जिन्होंने विषय की भूमिका रखते हुए लोकभाषाओं और पारंपरिक शैलियों को सांस्कृतिक अस्मिता का मूल आधार बताया।

वक्ताओं में जगदीश कपूर, विनोद बहल, प्रकाश चंद धीमान, राकेश कपूर और सत्य महेश ने अपने विचार व्यक्त करते हुए हिमाचली लोक साहित्य की विविध विधाओं, बदलते समय में भाषाई चुनौतियों और संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लोकभाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और सामूहिक स्मृति की जीवित धरोहर हैं।


कार्यक्रम के दौरान आयोजित साहित्य क्विज प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और तैयारी के साथ भाग लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि नई पीढ़ी में भी साहित्य और भाषा के प्रति गहरी रुचि मौजूद है। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से साहित्यिक ज्ञान के साथ-साथ सांस्कृतिक जागरूकता का भी विस्तार हुआ।


सत्र का समापन उपायुक्त एवं शिवरात्रि महोत्सव समिति के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने किया।

उन्होंने कहा कि मंडी के रचनाकारों को प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के साहित्यिक परिदृश्य में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। यहां के लेखकों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से इस ऐतिहासिक नगर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखा है और इतिहास, लोक संस्कृति, परंपराओं तथा लोकजीवन के विविध आयामों को सशक्त अभिव्यक्ति दी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह साहित्यिक उत्सव मंडी की सांस्कृतिक पहचान को नए आयाम प्रदान करेगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, एडीएम डॉ. मदन कुमार, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा सहित अनेक साहित्यकार और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। साहित्य, लोकभाषा और सांस्कृतिक चेतना के संगम से सजा यह सत्र शिवरात्रि महोत्सव की बौद्धिक गरिमा को नई ऊंचाई देने वाला सिद्ध हुआ।

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