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सैंज घाटी में विकास की जमीनी हकीकत से रू-ब-रू हुए विधायक सुरेंद्र शौरी, जर्जर स्कूलों व बदहाल सड़कों पर जताई चिंता

फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक Surender Shourie ने दो दिवसीय सैंज घाटी दौरे के दौरान विकास के दावों की जमीनी सच्चाई को परखा। इस दौरान उन्होंने घाटी की कई पंचायतों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं मौके पर सुनीं। कई मामलों में तत्काल समाधान के निर्देश भी दिए गए।
शनिवार को विधायक शौरी ग्राम पंचायत रैला व शैंशर के अंतर्गत खड़ंगचा, पाशी, कमटन, शाईधार, मनहरा और खाइन गांवों में पहुंचे, जबकि रविवार को शांघड़, सुचैहन-बनोगी, दुशाड, धाऊगी और कनौन पंचायतों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्रामीणों ने शिक्षा, सड़क, परिवहन और आपदा राहत से जुड़ी गंभीर समस्याएं उनके समक्ष रखीं।
दौरे के बाद जारी बयान में विधायक शौरी ने कहा कि ग्राम पंचायत रैला के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित पाशी और खड़ंगचा प्राथमिक विद्यालयों की हालत बेहद चिंताजनक है। पाशी स्कूल में बच्चों को खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, जो शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा कि सैंज घाटी की चौदह पंचायतों के लिए महज एक बस रूट संचालित होना क्षेत्र की जरूरतों के बिल्कुल विपरीत है। वहीं, प्रसिद्ध पर्यटन स्थल शांघड़ और देहुरी की जर्जर सड़कों से स्थानीय कारोबारी और पर्यटन से जुड़े लोग मायूस हैं। पर्यटन सीजन में भी सड़कों की हालत न सुधरना चिंता का विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा प्रभावित ग्रामीण आज भी राहत के इंतजार में हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ठोस कदम उठाने में विफल रही है। विधायक शौरी ने स्पष्ट किया कि बंजार विधानसभा क्षेत्र के साथ किसी भी तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और क्षेत्र की आवाज़ हर मंच पर मजबूती से उठाई जाएगी।

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