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गैस सिलेंडर बुकिंग नियम बदले: अब 25 दिन बाद ही होगी नई बुकिंग, कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं पर असर

फ्रंट पेज न्यूज डेस्क।
देश में रसोई गैस को लेकर सरकार ने एक साथ कई बड़े फैसले किए हैं, जिनका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब और गैस सप्लाई व्यवस्था पर पड़ने वाला है।

सरकारी सूत्रों के हवाले से आई जानकारी के अनुसार अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बदलाव कर दिया गया है। पहले उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के 21 दिन बाद दूसरा सिलेंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब यह अवधि बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है।

सरकार का कहना है कि यह कदम गैस की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा था कि कई लोग जरूरत न होने के बावजूद गैस सिलेंडर बुक कर स्टॉक कर रहे थे, जिससे अन्य उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था।


इस फैसले के साथ ही सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी ₹60 की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें 7 मार्च से लागू हो चुकी हैं। राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर अब ₹913 में मिल रहा है, जो पहले ₹853 का था। इसी तरह कोलकाता में सिलेंडर की कीमत ₹939, मुंबई में ₹912.50 और चेन्नई में ₹928.50 हो गई है। भोपाल में इसकी कीमत ₹918.50, जयपुर में ₹916.50, पटना में ₹1011 और रायपुर में ₹984 तक पहुंच गई है। इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू सिलेंडर के दामों में ₹50 की बढ़ोतरी की गई थी, यानी लगभग एक साल बाद फिर से कीमतों में इजाफा हुआ है।


कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम भी बढ़ाए गए हैं। 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल सिलेंडर में करीब ₹115 तक की वृद्धि की गई है। दिल्ली में इसकी कीमत अब ₹1883, कोलकाता में ₹1990, मुंबई में ₹1835 और चेन्नई में ₹2043.50 हो गई है। भोपाल में कॉमर्शियल सिलेंडर ₹1910.50, जयपुर में ₹1990, पटना में ₹2150 और रायपुर में ₹2109.50 तक पहुंच गया है। इससे पहले 1 मार्च 2026 को भी कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में ₹31 की बढ़ोतरी की गई थी।


इधर गैस की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के बीच कुछ राज्यों में गैस सप्लाई को लेकर भी स्थिति बदलती नजर आ रही है। राजस्थान में तेल कंपनियों ने रसोई गैस के घटते स्टॉक को देखते हुए कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर अघोषित रोक लगा दी है। एजेंसियों को मैसेज भेजकर 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के ऑर्डर फिलहाल न करने के निर्देश दिए गए हैं और घरेलू उपयोग वाले सिलेंडरों की सप्लाई पर फोकस करने को कहा गया है। इसी तरह पंजाब में भी पिछले दो दिनों से कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई एजेंसियों तक नहीं पहुंची है, जिसके चलते वहां भी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


सरकार ने गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर की है जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और देश में गैस की संभावित किल्लत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की कमी नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार नहीं जाती, तब तक घरेलू कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल अनुमान है कि कच्चा तेल करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रह सकता है।


सरकार ने यह भी बताया है कि भविष्य में किसी संभावित संकट से निपटने के लिए भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा अन्य समुद्री मार्गों से भी कच्चे तेल की सोर्सिंग तेज कर दी है ताकि वैश्विक तनाव की स्थिति में सप्लाई चेन प्रभावित न हो। एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ के मामले में भी देश के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और विमान सेवाओं पर किसी तरह का असर पड़ने की संभावना नहीं है।

दिलचस्प बात यह है कि ऊर्जा प्रबंधन और स्टॉक मैनेजमेंट के मामले में भारत की रणनीति को देखते हुए कई अन्य देश भी भारत से सलाह लेने के लिए संपर्क कर रहे हैं।

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