ANI चंडीगढ़। शहर में महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने वर्ष 2025 में सख्त रुख अपनाया है। चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Kanwardeep Kaur ने स्पष्ट किया कि इस साल पुलिस की प्राथमिकता ड्रग रिकवरी और ड्रग कंट्रोल रही है, जिसके परिणामस्वरूप बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों की बरामदगी और अपराध नियंत्रण संभव हुआ है।
SSP कंवरदीप कौर ने बताया कि “हमने नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया है। इस वर्ष बरामद किए गए 60 प्रतिशत से अधिक नशीले पदार्थ स्थानीय तस्करों और पेडलरों से जब्त किए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस ने जमीनी स्तर पर सक्रिय नेटवर्क को तोड़ने में सफलता पाई है।”

उन्होंने कहा कि केवल बाहरी सप्लाई लाइन ही नहीं, बल्कि शहर के भीतर सक्रिय अवैध कारोबार पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिससे नशे की उपलब्धता को सीमित किया जा सके।
आर्म्स एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई
SSP ने बताया कि आर्म्स एक्ट के अंतर्गत भी चंडीगढ़ पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस दौरान अवैध हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया और कई आपराधिक रिकॉर्ड वाले अपराधियों को जेल भेजा गया। उनके अनुसार, इससे संगठित अपराध पर प्रभाव पड़ा है और शहर में अपराध दर को नियंत्रित करने में मदद मिली है।
महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर विशेष नजर
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर SSP कंवरदीप कौर ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस की रणनीति बहुआयामी है—जिसमें संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई शामिल है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्ती और नियमित मॉनिटरिंग से कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी नशा तस्करी, अवैध हथियार और अपराध के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि चंडीगढ़ को नशा-मुक्त और सुरक्षित शहर बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।


















