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बंजार–सैंज महाविद्यालयों में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों पर सरकार की चुप्पी, शिक्षा व्यवस्था पर गहराता संकट — विधायक सुरेंद्र शौरी ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी ने प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए विधानसभा में बंजार और सैंज महाविद्यालयों की बदहाल स्थिति को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंजार और सैंज के महाविद्यालयों में लंबे समय से प्रवक्ताओं के महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में पूरी तरह मौन साधे हुए है, जो न केवल प्रशासनिक विफलता है बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।

बंजारा विधायक सुरेंद्र शौरी विधानसभा में प्रश्न उठाते हुए


विधायक सुरेंद्र शौरी ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बंजार महाविद्यालय में अंग्रेज़ी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जीव विज्ञान और संस्कृत जैसे मूलभूत विषयों के प्रवक्ताओं के पद एक वर्ष से अधिक समय से रिक्त हैं। इन विषयों की अनुपस्थिति ने छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता को गहरा आघात पहुंचाया है, जिससे न केवल परीक्षा परिणाम प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि विद्यार्थियों का विषयों के प्रति भरोसा भी टूट रहा है। वहीं सैंज महाविद्यालय में सोशियोलॉजी, हिंदी और संगीत के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा अब कहीं पीछे छूट चुकी है।


उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था के लगातार गिरते स्तर के कारण अब विद्यार्थी मजबूरी में पलायन कर रहे हैं। कभी जिन महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या हजारों में हुआ करती थी, आज वही संख्या सैकड़ों में सिमट गई है। यह गिरावट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि उस विश्वास के टूटने की कहानी है, जो कभी इन संस्थानों से जुड़ा हुआ था।


विधायक सुरेंद्र शौरी ने सरकार की इस लापरवाही को सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय करार देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकती।

उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि इन रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र भरा जाए, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और वे अपने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति से बाहर निकल सकें।


अंत में उन्होंने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस गंभीर मुद्दे पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसे जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा और जनता की आवाज़ को सड़कों तक पहुंचाया जाएगा।

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