फ्रंट पेज न्यूज़ चंडीगढ़।
हिमालयी क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर गंभीर मंथन के उद्देश्य से जांस्कर स्टूडेंट एसोसिएशन, चंडीगढ़ द्वारा एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी 21 जनवरी 2026 को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के इंग्लिश ऑडिटोरियम में आयोजित की गई, जिसका विषय था— “हिमालयी क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण: चुनौतियाँ और अवसर”।

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और स्थानीय समुदायों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। संगोष्ठी में मुख्य वक्ताओं के रूप में गितांजलि अंगमो (सोशल एंटरप्रेन्योर एवं एजुकेटर), गुम्मा सिंह (कोऑर्डिनेटर, हिमालय नीति अभियान) तथा संदीप मिन्हास (सीएफआर विशेषज्ञ) ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पर जलवायु परिवर्तन, अनियंत्रित विकास और मानवीय हस्तक्षेप से उत्पन्न खतरों को रेखांकित करते हुए संरक्षण के व्यावहारिक उपाय सुझाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्टांजिन दावा ने की, जबकि स्टांजिन डोल्मा ने उपाध्यक्ष के रूप में आयोजन को दिशा प्रदान की। वहीं, संगठन के महासचिव त्सेवांग दोरजे ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि युवाओं की भागीदारी के बिना जैव विविधता संरक्षण का लक्ष्य अधूरा है।

संगोष्ठी में छात्रों, शोधकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि इस तरह के संवाद हिमालयी क्षेत्र के संरक्षण को लेकर नीति निर्माण और जन-जागरूकता को नई दिशा देंगे।




























