फ्रंट पेज व्यूज शिमला।
ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के सभी जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश-बर्फबारी, तेज हवाओं, तूफान और बिजली गिरने की आशंका के चलते यैलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 2 और 3 फरवरी को भी उच्च व मध्य पर्वतीय इलाकों में मौसम की हलचल बनी रहेगी, जबकि 4 फरवरी से हालात में सुधार और मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है।
शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहे। कुछ क्षेत्रों में धूप भी निकली, लेकिन कड़ाके की ठंड का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 1 फरवरी को मौसम सबसे अधिक बिगड़ सकता है और भारी बारिश-बर्फबारी के साथ तेज तूफान जनजीवन को प्रभावित कर सकते हैं।
जनवरी में सामान्य से 29% अधिक वर्षा
इस बार जनवरी महीने में सामान्य से करीब 29 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई है। अब तक दो बार भारी हिमपात हो चुका है, जिसका सीधा असर सड़क यातायात, बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में सड़कों के बंद होने, बिजली गुल रहने और पानी की किल्लत जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
तापमान में तेज गिरावट, ताबो सबसे ठंडा
तापमान के मोर्चे पर भी ठंड ने तीखा तेवर दिखाया है। राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सुंदरनगर 5.8, भुंतर 4.8, कल्पा माइनस 0.4, धर्मशाला 3.4, ऊना 6.2, नाहन 8.5, पालमपुर 5, सोलन 3.4, मनाली 0.4, मंडी 7, बिलासपुर 8, जुब्बड़हट्टी 5, कुकुमसेरी माइनस 6.3, सराहन माइनस 0.3 और लाहौल-स्पीति के ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 10.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
बर्फबारी से पर्यटन को उम्मीद
मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के साथ ही पर्यटन कारोबार में एक बार फिर उम्मीद जगी है। पिछली बर्फबारी के दौरान शिमला सहित कई पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ देखने को मिली थी। वीकेंड को देखते हुए कई पर्यटक पहले ही पहाड़ों का रुख कर चुके हैं। यदि रविवार को बर्फबारी होती है, तो पर्यटकों की आमद और बढ़ने की संभावना है।
कुल मिलाकर, आने वाले दो दिन हिमाचल के लिए मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहेंगे। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।




























