मौसमक्रिकेटईरान इस्राइल युद्धमेले और त्यौहारस्पोर्ट्सबॉलीवुडजॉब - एजुकेशनबिजनेसलाइफस्टाइलदेश-विदेशराशिफलआध्यात्मिक

चांदी ने इतिहास रचा: पहली बार ₹3 लाख के पार पहुंची, सोना भी करीब ₹3,000 उछला

फ्रंट पेज न्यूज़ नई दिल्ली।
कीमती धातुओं के बाजार में आज ऐतिहासिक हलचल देखने को मिली, जब चांदी ने पहली बार ₹3 लाख प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का मार्च वायदा करीब ₹13,550 यानी लगभग 5 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ ₹3,01,315 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव और ट्रेड वॉर की आशंकाओं ने निवेशकों को एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मोड़ दिया है। खासतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर देखने को मिला।
चांदी के साथ-साथ सोने के भाव में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। MCX पर सोने का फरवरी वायदा करीब ₹3,000 या लगभग 2 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का माहौल रहा। ब्लूमबर्ग के अनुसार, सिंगापुर में स्पॉट गोल्ड 1.6% बढ़कर 4,668.76 डॉलर प्रति औंस और चांदी 3.2% बढ़कर 93.02 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं COMEX पर चांदी ने 93.7 डॉलर तक का स्तर छूकर अपनी मजबूती का संकेत दिया है।
आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें
विशेषज्ञों का कहना है कि MCX पर चांदी अभी भी अपने तेजी वाले ट्रेंड में बनी हुई है।
₹2,80,000 से ₹2,83,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
यदि कीमतें ₹2,95,000 के ऊपर टिकती हैं, तो आने वाले समय में चांदी ₹3,05,000 से ₹3,20,000 तक भी जा सकती है।
सिर्फ निवेश नहीं, उद्योग भी बढ़ा रहा मांग
चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सिर्फ जियो-पॉलिटिकल तनाव ही नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ती औद्योगिक मांग और सीमित आपूर्ति भी एक बड़ी वजह है। चांदी का इस्तेमाल:
इलेक्ट्रॉनिक्स
सौर ऊर्जा (सोलर पैनल)
ऑटोमोबाइल उद्योग
चिकित्सा उपकरणों
में बड़े पैमाने पर होता है। इसके अलावा चांदी एंटी-बैक्टीरियल और गैर-विषाक्त होने के कारण दवाइयों और कुछ खाद्य उपयोगों में भी इस्तेमाल की जाती है।
क्या आगे और महंगी होगी चांदी?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बढ़ती मांग के चलते चांदी की खपत और बढ़ेगी। ऐसे में इस बहुमूल्य धातु की कीमतों में भविष्य में और तेजी देखने को मिल सकती है।

You cannot copy content of this page