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शिमला विंटर कार्निवल का भव्य शुभारंभ, पर्यटन को बढ़ावा और पर्यटकों की सुरक्षा पर सरकार का जोर

फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सांस्कृतिक परेड को दिखाई हरी झंडी, महा नाटी और प्रदर्शनी का लिया आनंद
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को ऐतिहासिक रिज मैदान पर शिमला नगर निगम द्वारा आयोजित शिमला विंटर कार्निवल का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों से आए लोक कलाकारों की रंगारंग सांस्कृतिक परेड को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें हिमाचल की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली।


मुख्यमंत्री ने गेयटी थिएटर में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भव्य महा नाटी प्रस्तुति का आनंद लिया। इसके साथ ही टाउन हॉल के समीप आयोजित हो रही होमगार्ड्स इंटर-बटालियन बैंड प्रतियोगिता को भी देखा।

उन्होंने कार्निवल के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी और शुभकामनाएं दीं। इस वर्ष विंटर कार्निवल की थीम “नशामुक्त हिमाचल” रखी गई है।


पर्यटकों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का शांत, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण न केवल सुकून और मनोरंजन प्रदान करता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने पर्यटकों से संवाद कर उनके अनुभव जाने और आश्वस्त किया कि प्रदेश में भ्रमण के दौरान किसी भी पर्यटक को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी। पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने अद्भुत सौंदर्य से नवाजा है। यहां की मनोरम घाटियां हर वर्ष करोड़ों पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है, वहीं हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिमला के साथ-साथ धर्मशाला में भी इसी तरह का विंटर कार्निवल आयोजित किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और प्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने संशोधित इको-टूरिज्म नीति को अधिसूचित किया है। इसके तहत वन विभाग द्वारा 11 इको-टूरिज्म स्थलों का आवंटन किया जा चुका है, जबकि 27 अन्य स्थलों के आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वर्ष 2023 से नवंबर 2025 तक विभिन्न इको-टूरिज्म गतिविधियों से लगभग 6 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है।
होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्याज सब्सिडी योजना शुरू की गई है और होम-स्टे पंजीकरण के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया गया है। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद का गठन भी किया गया है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, एआईसीसी सचिव विदित चौधरी, विधायक हरीश जनारथा और विवेक शर्मा, महापौर सुरेंद्र चौहान, उपमहापौर उमा कौशल, राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, एडीजीपी सतवंत अटवाल त्रिवेदी, उपायुक्त अनुपम कश्यप, एसपी संजीव गांधी, नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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