हिमाचल प्रदेश स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश-विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक राजनीति स्वास्थ्य मेले और त्यौहार

शिमला में बिना ट्रेडिंग लाइसैंस नहीं चलेगा कारोबार, नगर निगम सख्त

Follow Us:

फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला।

राजधानी शिमला में अब बिना लाइसैंस कारोबार करना संभव नहीं होगा। नगर निगम शिमला शहर के सभी छोटे-बड़े कारोबारियों के लिए ट्रेडिंग लाइसैंस को अनिवार्य करने की तैयारी में है। निगम अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय शहर में तेजी से बढ़ रहे अनियमित कारोबार को नियंत्रित करने और वैडिंग जोन को व्यवस्थित व सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

नगर निगम का कहना है कि वर्तमान में शहर में कई ऐसे नए प्रकार के व्यवसाय शुरू हो चुके हैं, जो पहले ट्रेडिंग लाइसैंस की श्रेणी में शामिल नहीं थे। बदलते समय और नई कारोबारी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए निगम ने राज्य सरकार से अनुमति मांगी है, ताकि इन नए कारोबारों को भी लाइसैंस व्यवस्था के दायरे में लाया जा सके। सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद कारोबारों की एक नई सूची तैयार की जाएगी और उसके तहत सभी कारोबारियों व तहबाजारियों को लाइसैंस लेना अनिवार्य होगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रेडिंग लाइसैंस का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि व्यापारियों को एक आधिकारिक पहचान देना भी है, जिससे वे बिना किसी अनावश्यक बाधा के अपना कारोबार सुचारू रूप से चला सकें। साथ ही, लाइसैंस प्रणाली से नगर निगम को शहर की व्यावसायिक गतिविधियों का बेहतर रिकॉर्ड रखने में भी मदद मिलेगी।

नगर निगम ने यह भी संकेत दिए हैं कि बिना लाइसैंस कारोबार करने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके चलते आने वाले समय में निरीक्षण और कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेज की जा सकती है। निगम ने शहर के सभी व्यापारियों और तहबाजारियों से अपील की है कि वे समय रहते ट्रेडिंग लाइसैंस के लिए आवेदन करें और नियमों का पालन कर शहर को व्यवस्थित व स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग दें।

व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर (X) पर शेयर करने के लिए निम्नलिखित बटन पर क्लिक करें।

और पढ़ें

निस्वार्थ सेवा की त्रिवेणी से बदला बंजार का सामाजिक परिदृश्य

नागरिक अस्पताल बंजार से चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति पर भड़के विधायक सुरेंद्र शौरी, अस्पताल परिसर के बाहर दिया धरना

केंद्रीय बजट 2026–27: हिमालय की ज़रूरतें हाशिये पर, कॉरपोरेट प्राथमिकताओं को बढ़ावा—हिमालय नीति अभियान

वैश्विक आर्थिक शक्ति का पुनर्संतुलन: क्या भारत नई धुरी बन रहा है?

फायर एनओसी के नाम पर कारोबार नहीं रुकेगा: होम-स्टे को अस्थायी नवीनीकरण देने के निर्देश, मुख्यमंत्री सुक्खू ने लॉन्च किया ऑनलाइन पोर्टल

16वें वित्त आयोग की सिफारिशें हिमाचल पर सालाना 10 हजार करोड़ का वार, भाजपा सांसद मूकदर्शक बने: मुकेश अग्निहोत्री

You cannot copy content of this page