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बेसहारा पशुओं का प्रशासन बनेगा सहारा, 1 जनवरी 2026 तक जिला शिमला होगा बेसहारा पशु मुक्त
जिला शिमला में सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त और मानवीय कदम उठाया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सोमवार को 15 दिवसीय विशेष अभियान की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2026 तक जिला शिमला को पूरी तरह बेसहारा पशु मुक्त बनाया जाएगा। इस अभियान के तहत सभी चिन्हित स्थानों पर घूम रहे पशुओं को नजदीकी गौ सदनों में पहुंचाया जाएगा।
उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पशुधन को सड़क दुर्घटनाओं, सर्द मौसम में मृत्यु के खतरे और उपेक्षा से बचाने के लिए प्रशासन स्वयं आगे आएगा। उपायुक्त ने कहा, “पशुधन हमारी धरोहर है। इन्हें बेसहारा छोड़ना न केवल अमानवीय है, बल्कि इससे जन-सुरक्षा भी प्रभावित होती है। जिन लोगों ने अपने पशु छोड़े हैं, उनसे मेरी विनम्र अपील है कि वे उन्हें वापस ले जाएं।”
जिला भर में 272 बेसहारा पशु चिन्हित
पशुपालन विभाग द्वारा कराए गए हालिया सर्वेक्षण में पूरे जिले में 272 बेसहारा पशु पाए गए हैं। उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिले के विभिन्न गौ सदनों में करीब 3500 पशुओं की क्षमता उपलब्ध है, जबकि वर्तमान में लगभग 2500 पशु ही रखे गए हैं। ऐसे में सभी 272 बेसहारा पशुओं को क्षमता के अनुसार नजदीकी गौ सदनों में सुरक्षित रूप से पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने यह भी चेताया कि सर्दियों में बेसहारा पशुओं की जान जाने का खतरा बढ़ जाता है और इनके कारण सड़क हादसों की आशंका भी बनी रहती है। कई मामलों में पशुओं के टैग निकालकर छोड़ने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिन पर समय रहते कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम के साथ होगी विशेष समीक्षा बैठक
अभियान को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए उपायुक्त अनुपम कश्यप मंगलवार को सभी एसडीएम और शहरी निकायों के सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करेंगे। इस बैठक में लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित हितधारकों को भी शामिल किया जाएगा। एसडीएम की अध्यक्षता में गठित टीमें बेसहारा पशुओं को चिन्हित कर उन्हें गौ सदनों तक पहुंचाने का कार्य करेंगी।
पटवारियों व पंचायत सचिवों को सख्त निर्देश
उपायुक्त ने सभी पटवारी और पंचायत सचिवों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में बेसहारा पशु दिखते ही तत्काल रिपोर्ट एसडीएम को देना अनिवार्य होगा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई जगहों पर समय पर सूचना नहीं दी जा रही है, जिससे अभियान प्रभावित हो रहा है। भविष्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशवंत रांटा, उप निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. नीरज मोहन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




























