फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
बाल विकास परियोजना बंजार के अंतर्गत “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण में परियोजना क्षेत्र की 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए चंपा शर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी, ने कार्यक्रम के व्यापक उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने गर्भावस्था से लेकर शिशु के प्रथम दो वर्षों तक की ‘1000 दिवसों’ की निर्णायक अवधि को रेखांकित करते हुए संतुलित आहार, आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों तथा शिशु के सर्वांगीण (शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक) विकास की अहमियत विस्तार से समझाई।
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक मोतीराम, कश्मीर सिंह, रेखा तथा खंड पोषण समन्वयक वंदना शर्मा ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतियों के माध्यम से पोषण, प्रारंभिक बाल शिक्षा (ECCE), देखभाल और व्यवहारिक प्रशिक्षण के व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। सत्रों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यान्वयन, माताओं से संवाद, तथा घर-घर जागरूकता रणनीतियों पर विशेष जोर रहा।
सभी स्रोत व्यक्तियों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने केंद्रों पर “पोषण भी, पढ़ाई भी” की निरंतर जागरूकता बढ़ाएँ, ताकि ग्रामीण स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके और अधिकाधिक लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा सकें।
समापन अवसर पर प्रतिभागी कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण को उपयोगी, व्यवहारिक और प्रेरक बताते हुए इसे जमीनी स्तर पर लागू करने का संकल्प लिया—ताकि बच्चों के पोषण के साथ उनकी प्रारंभिक शिक्षा को भी नई दिशा मिल सके




























