फ्रंट पेज न्यूज कुल्लू।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए अब किसानों को फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry ID) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। कृषि क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है, ताकि योजनाओं का लाभ सही और पात्र किसानों तक पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।
भारत सरकार द्वारा विकसित Agristack एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म इकोसिस्टम है, जिसके तहत किसानों, उनकी भूमि, फसलों और सरकारी योजनाओं से जुड़ा समूचा डेटा एकीकृत किया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य न केवल किसानों को सस्ती वित्तीय सहायता, सही कृषि सलाह और बाजार तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराना है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी सुनिश्चित करना है।
इसी कड़ी में कृषि विभाग द्वारा किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसान के खेत, फसल और भूमि से संबंधित विवरण एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होंगे, जिससे किसान की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान तैयार होगी। यह पहचान आगे चलकर पीएम किसान, फसल बीमा और अन्य केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के खातों तक पहुंचाने में सहायक बनेगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. ऋतु गुप्ता, उप कृषि निदेशक जिला कुल्लू, ने बताया कि Agristack योजना के तहत जिले के सभी किसान फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं। इसके लिए किसान अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र / जन सुविधा केंद्र (CSC) पर जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं।
फार्मर रजिस्ट्री आईडी के लिए जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड
भूमि से संबंधित दस्तावेज़ (खसरा–खतौनी नंबर)
आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP प्राप्त करने के लिए)
डॉ. ऋतु गुप्ता ने स्पष्ट किया कि एक बार फार्मर रजिस्ट्री आईडी बन जाने के बाद ही पात्र किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समय रहते पंजीकरण करवा लें, ताकि भविष्य में किसी भी योजना का लाभ लेने में उन्हें कोई परेशानी न हो।
















