फ्रंट पेज न्यूज़ (कुल्लू)
हिमाचल प्रदेश पेंशनभोगी संघ, जिला कुल्लू की एक आपात बैठक सोमवार को जिला मुख्यालय कुल्लू में जिला अध्यक्ष दयाल सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पेंशनरों की वर्षों से लंबित वित्तीय देनदारियों को लेकर गंभीर चर्चा की गई तथा प्रदेश सरकार के प्रति गहरी नाराज़गी व्यक्त की गई।

बैठक का आयोजन प्रदेशाध्यक्ष एल०आर० गुलशन के निर्देशानुसार किया गया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार बीते एक दशक से पेंशनरों की करोड़ों रुपये की वित्तीय देनदारियों को जानबूझकर टालती आ रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान के तहत मात्र 50 हजार रुपये का एरियर दिया गया, जो “ऊंट के मुंह में जीरा” साबित हुआ।

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पेंशनरों को उम्मीद थी कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पेंशनरों की लंबित देनदारियों के एकमुश्त भुगतान के लिए पर्याप्त प्रावधान करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्टा कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में 3 से 30 प्रतिशत तक कटौती किए जाने से असंतोष और बढ़ गया है। संघ ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक रूप से दबाव में रखकर किस प्रकार का “व्यवस्था परिवर्तन” करना चाहती है।
बैठक के उपरांत संघ का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा (IAS) से उनके कार्यालय में मिला और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि 15 अप्रैल 2026 तक पेंशनरों की सभी लंबित वित्तीय देनदारियों का एकमुश्त भुगतान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बैठक में जिला कुल्लू पेंशनभोगी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं भुंतर खंड अध्यक्ष ओंकार दत्त शर्मा, महिला विंग की उपाध्यक्ष लीला वर्मा, रेणुका शर्मा, शहरी कुल्लू इकाई के अध्यक्ष तेज सिंह ठाकुर, भगत राम, बालक राम, उत्तम राम ठाकुर, बंजार खंड अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान, मनाली खंड उपाध्यक्ष डोलेराम सहित अनेक पेंशनर उपस्थित रहे।
पेंशनरों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
*1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक सेवारत/सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संशोधित वेतनमान की सभी लंबित देनदारियों (एरियर, ग्रेच्युटी, 40% पेंशन कम्युटेशन, लीव इनकैशमेंट) का एकमुश्त भुगतान।
*1 जुलाई 2023 से देय 13% महंगाई भत्ते की पांच किस्तों का शीघ्र भुगतान।
*1 जनवरी 2022 से लंबित महंगाई भत्ते के एरियर का एकमुश्त भुगतान।
पेंशनरों के लंबित मेडिकल बिलों के भुगतान हेतु पर्याप्त बजट प्रावधान।
जिला कुल्लू सहित सभी जिला मुख्यालयों में “पेंशनर भवन” निर्माण के लिए 10 बिस्वा भूमि का आवंटन।
अंत में संघ के प्रदेशाध्यक्ष एल०आर० गुलशन ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते पेंशनरों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्यभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी













