फ्रंट पेज न्यूज़कुल्लू
जिला कुल्लू में पेंशनभोगियों की अनदेखी को लेकर आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में पेंशनर्ज भोगी संघ, जिला कुल्लू की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला मुख्यालय कुल्लू में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष दयाल ठाकुर ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के प्रति गहरा असंतोष और नाराजगी व्यक्त की।

बैठक के दौरान पेंशनरों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए अपनी समस्याओं और मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए एक ज्ञापन तैयार किया, जिसे उपायुक्त कुल्लू अनुराग शर्मा के माध्यम से प्रेषित किया गया। पेंशनरों का कहना है कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते उन्हें आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
संघ के उपाध्यक्ष ओंकार शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2016 से 31 जनवरी 2022 तक लागू नए वेतनमान के एरियर का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2016 से 2026 तक महंगाई भत्ते (डीए) की कई किश्तें भी लंबित पड़ी हैं, जिससे पेंशनरों की आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित हुई है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पेंशनरों के मेडिकल बिलों का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण बुजुर्गों को उपचार के लिए अपनी जेब से भारी खर्च वहन करना पड़ रहा है। कई मामलों में तो पेंशनरों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं भी समय पर नहीं मिल पा रही हैं।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पेंशनर्ज भोगी संघ आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि बुजुर्गों के सम्मान और उनके अधिकारों से जुड़ा विषय है।

अंत में संघ ने सरकार से अपील की कि पेंशनरों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, लंबित एरियर और डीए का जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए, तथा मेडिकल बिलों के निपटारे की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि प्रदेश के हजारों पेंशनरों को राहत मिल













