युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने का देगी संदेश
बंजार। हिमाचल प्रदेश की सुरम्य वादियों में एक सामाजिक संदेश देने वाली लघु फ़िल्म “नशा एक खौफ” की शूटिंग का आगाज़ हो गया है। यह फ़िल्म भोजपाल प्रोडक्शन और एनएसपीआर इंडिया संस्था के बैनर तले बनाई जा रही है। फ़िल्म का निर्देशन आमिर अल्वी कर रहे हैं, जबकि इसके निर्माण में एचबीटी फाउंडेशन और सेहभागती एनजीओ कुल्लू का सहयोग रहेगा।

फ़िल्म को हिमाचल प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से शूटिंग की आधिकारिक अनुमति प्राप्त हो चुकी है। शूटिंग की शुरुआत शनिवार को कुल्लू में हो चुकी है और आगे यह शिमला, मंडी, सुंदरनगर और तीर्थन घाटी के रमणीय स्थलों पर की जाएगी।
निर्देशक आमिर अल्वी ने बताया कि फ़िल्म का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए जनजागरण फैलाना है। उन्होंने कहा —
> “‘नशा एक खौफ’ केवल एक फ़िल्म नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने की एक सशक्त पहल है। हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी स्वस्थ, शिक्षित और नशामुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दे।”
इस फ़िल्म की कहानी एक पर्यटक जोड़े और हिमाचल पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियानों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इसमें यह संदेश दिया गया है कि नशा कोई आनंद नहीं बल्कि जीवन को धीरे-धीरे समाप्त करने वाला खतरनाक “खौफ” है।
फ़िल्म में हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों को खूबसूरती से दिखाया जाएगा, जिससे दर्शक न केवल कहानी से जुड़ें, बल्कि हिमाचल की समृद्ध विरासत को भी महसूस कर सकें।
मुख्य भूमिकाओं में बॉलीवुड कलाकार सुरेन्द्र ठाकुर, सुभाष चंद यादव और हिमाचल के वरिष्ठ थिएटर कलाकार दीप कुमार नजर आएंगे। प्रमुख अभिनेत्रियों में शगुन नेगी और सरोज शामिल हैं।
फ़िल्म की पटकथा (स्क्रीनप्ले) और संवाद त्रिलोक सिंह राजपूत ने लिखे हैं, जबकि संपादन (एडिटिंग) का कार्य सचिन गौर संभाल रहे हैं।
कास्टिंग डायरेक्टर की भूमिका नरेंद्र सनी निभा रहे हैं, और तकनीकी टीम में आर्यन शर्मा, चंदन भट्ट तथा प्रेम जैसे युवा सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
एनएसपीआर संस्था के अध्यक्ष आमिर अल्वी ने बताया कि यदि कोई हिमाचल का कलाकार इस फ़िल्म या नशा मुक्ति अभियान का हिस्सा बनना चाहता है, तो वह ऑनलाइन ऑडिशन देकर इसमें शामिल हो सकता है।
> “हम चाहते हैं कि हिमाचल के युवा अपनी प्रतिभा को मंच पर लाएं और नशे के ख़िलाफ़ इस जागरूकता मुहिम का हिस्सा बनें,” — आमिर अल्वी
इस फ़िल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज में फैलते नशे के ख़तरों के प्रति लोगों को सजग करना और युवाओं को नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना है।
फ़िल्म “नशा एक खौफ” हिमाचल की गोद में पनपती वह कहानी है, जो दर्शकों के दिलों में चेतना की लौ जलाने का प्रयास करेगी।




























