फ्रंट पेज न्यूज़ ऊना।
अम्ब में आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, पुलिस जांच जारी
ऊना जिला के अम्ब उपमंडल में सामने आए एक गंभीर और संवेदनशील मामले में शादी का झांसा देकर युवती का यौन शोषण करने और गर्भपात करवाने के आरोपी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शुक्रवार को आरोपी का चार दिन का पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश जारी किए गए।
2019 से चला आ रहा था शोषण का सिलसिला
पीड़िता द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के अनुसार, वर्ष 2019 में वह एक संस्थान में कोर्स कर रही थी। इसी दौरान बस में सफर के समय उसकी पहचान दूसरे संस्थान के एक युवक से हुई। दोस्ती बढ़ने पर आरोपी ने उसे शादी का भरोसा दिलाया और भावनात्मक रूप से अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद आरोपी ने विभिन्न होटलों में ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
गर्भवती होने पर जबरन करवाया गर्भपात
पीड़िता का आरोप है कि जब वह गर्भवती हो गई, तो आरोपी ने 15 नवंबर को उसे एक निजी क्लीनिक ले जाकर गर्भपात करवा दिया। इस दौरान युवती को पूरी तरह अंधेरे में रखा गया और मानसिक दबाव बनाया गया। बाद में पीड़िता को यह भी पता चला कि आरोपी ने इसी बीच किसी अन्य युवती से शादी कर ली थी।
4 दिसंबर को दर्ज हुई शिकायत, आरोपी गिरफ्तार
मामला 4 दिसंबर को प्रकाश में आया, जब पीड़िता ने हिमाचल प्रदेश पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस ने मेडिकल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्य जुटाए।
इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं अन्य संबंधित कानूनों के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिनमें—
शादी का झांसा देकर यौन शोषण
धोखाधड़ी
महिला के सम्मान और अधिकारों का उल्लंघन
अवैध गर्भपात से जुड़ी धाराएँ
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और अन्य जरूरी कानूनी औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही हैं। यदि जांच के दौरान और तथ्य सामने आते हैं तो मामले में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
समाज के लिए चेतावनी
यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि शादी का झांसा देकर महिलाओं के साथ शोषण करने वालों के खिलाफ कानून सख्त कार्रवाई कर रहा है। अदालत द्वारा आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पीड़िता को न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।




















