फ्रंट पेज न्यूज़ कुल्लू।
वीकेंड और लगातार तीन छुट्टियों के बीच मनाली में भारी बर्फबारी के चलते मार्ग अवरुद्ध होने से पर्यटकों का रुख बंजार क्षेत्र की ओर तेज़ी से मुड़ गया है। जिभी वैली, तीर्थन वैली सहित आसपास के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ गई है, जिससे यहां होटलों और होमस्टे की ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई है। कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति भी देखने को मिल रही है।
पर्यटकों की इस अप्रत्याशित भीड़ से बंजार क्षेत्र के पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं। होटल संचालकों के अनुसार, जितनी आमद की उम्मीद नहीं थी, उससे कहीं अधिक पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि मनाली न पहुंच पाने वाले सैलानी अब जिभी, तीर्थन, सोझा, बाहू और जलोड़ी टॉप जैसे बर्फीले क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और बर्फबारी का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
जलोड़ी टॉप और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ से ढकी वादियां पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं। यहां सैलानी न केवल नजदीक से हिमाचल की सर्द खूबसूरती को देख पा रहे हैं, बल्कि अपेक्षाकृत शांत वातावरण में घूमने का सुख भी उठा रहे हैं।

पर्यटन व्यवसायी एवं जिभी–तीर्थन वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन (JVTDA) के अध्यक्ष किशन चौहान ने बताया कि क्षेत्र की लगभग सभी होटल, होमस्टे और पर्यटन प्रॉपर्टियां पूरी तरह भरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मनाली में बर्फबारी से बंद हुए रास्तों ने अनजाने में बंजार क्षेत्र के पर्यटन को नई रफ्तार दे दी है, जिससे स्थानीय कारोबार को बड़ा संबल मिला है।
कुल मिलाकर, मनाली में बर्फ ने जहां आवाजाही रोकी, वहीं बंजार की वादियों में पर्यटन के नए रास्ते खोल दिए हैं—और यह सीज़न स्थानीय पर्यटन के लिए यादगार बनता नजर आ रहा है।




























