फ्रंट पेज न्यूज़ आनी (शिवराज शर्मा)
आनी के प्राचीन एवं ऐतिहासिक शमशरी महादेव मंदिर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर धार्मिक आस्था, परंपरा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर आयोजित देववाणी और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में क्षेत्र भर से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और चारों ओर “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

मकर संक्रांति पर्व के दौरान देवता शमशरी महादेव के गूर द्वारा नववर्ष 2026 की देववाणी सुनाई गई। देववाणी में देवी-देवताओं के आशीर्वाद से क्षेत्र में अच्छी फसल, सुख-शांति और समृद्धि का संकेत दिया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि आउटर सराज क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों के प्रति लोगों की आस्था और अधिक मजबूत होगी। देववाणी के माध्यम से भाईचारे, आपसी सहयोग और देशप्रेम का संदेश देते हुए यह भी कहा गया कि भारत अपने इन मूल्यों के बल पर विश्व पटल पर अपनी सशक्त पहचान बनाए रखेगा।
इस अवसर पर देवता शमशरी महादेव के 13 सियानों, कारदारों एवं मंदिर कमेटी के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में नए वर्ष की कार्ययोजना तैयार की गई और आगामी मेलों, त्योहारों एवं धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। परंपरा के अनुसार अब आगामी पंद्रह दिनों तक मंदिर में कोई भी धार्मिक कार्य संपन्न नहीं होगा। मान्यता है कि इस अवधि में देवता स्वर्ग यात्रा पर रहते हैं और इसके पश्चात पुनः अपने मंदिर में विराजमान होंगे।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर केवल शमशरी महादेव मंदिर ही नहीं, बल्कि आनी क्षेत्र के देऊरी माता, खेगसू माता, बूढ़ी नागिन, बाड़ी दुर्गा माता, शैलपुत्री माता, कुइंर देवता सहित सभी प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से दोपहर करीब 12 बजे तक मंदिर परिसरों में पांव रखने तक की जगह नहीं थी। शाम के समय भीड़ में कुछ कमी जरूर आई, लेकिन श्रद्धालुओं का आना-जाना देर शाम तक जारी रहा।














