फ्रंट पेज न्यूज़ आनी (शिवराज शर्मा)
विकासखंड निरमंड की ग्राम पंचायत बाड़ी के गांव पाली में इस वर्ष लोहड़ी पर्व को कुछ अलग अंदाज़ में, खेल, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गांव पाली में द्वितीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया।

तीन दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से आई करीब 15 टीमों ने हिस्सा लिया। मुकाबले बेहद रोमांचक रहे और दर्शकों की भारी भीड़ हर दिन खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद रही। कड़े संघर्ष के बाद सिक्स बॉयज अरसू की टीम ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि जिला शिमला की क्यावबील टीम उपविजेता रही।

प्रतियोगिता के अंतिम दिन आयोजन स्थल किसी मेले से कम नहीं लग रहा था। विभिन्न महिला मंडलों और स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। वहीं, लोकगायक निखिल ने अपनी सुमधुर आवाज़ से माहौल को और भी जीवंत बना दिया और दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

समापन समारोह में समाजसेवी गुर दास जोशी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार वितरित किए तथा महिला मंडलों को भी सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और खेल व रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए युवा मंडल पाली की खुले दिल से सराहना की और कहा कि प्रतियोगिता में राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की भागीदारी क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर गांव के बुजुर्गों और स्थानीय कलाकारों को भी सम्मानित किया गया।
क्लब के प्रधान आदित्य भारती ने मुख्यातिथि, ग्रामवासियों, महिला मंडलों, खिलाड़ियों और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी तरह के आयोजन करते रहने की बात कही।
उधर, जिला कुल्लू और मंडी के सिराज क्षेत्र में भी मकर संक्रांति पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। अधिकांश देवताओं के कपाट मकर संक्रांति की पूर्व संध्या या प्रातःकाल खोल दिए गए। देवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने देव दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गांव-समाज में परस्पर मिलन हुआ, परंपरा अनुसार ‘जूव दी’ निभाई गई और भोग-प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे क्षेत्र में पर्व को लेकर विशेष उत्साह और धार्मिक माहौल देखने को मिला।













