फ्रंट पेज न्यूज़ (कुल्लू)
विश्व ऑटिज्म दिवस के अवसर पर कुल्लू जिले में बच्चों के समग्र विकास और उनकी विशेष जरूरतों को समझने के उद्देश्य से एक सार्थक पहल की गई। इस क्रम में बहुउद्देशीय भवन, कुल्लू में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें निजी और सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा विभाग के उप निदेशक देश राज डोगरा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में समावेशी शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें।

Inक्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट गीता दलाल और ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. श्रुति भारद्वाज ने बच्चों के व्यवहार, मानसिक विकास तथा उनकी विशेष आवश्यकताओं को समझने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और अभिभावकों को ऑटिज्म से जुड़े पहलुओं के प्रति जागरूक करना और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना रहा।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने भी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।













