फ्रंट पेज न्यूज़ कुल्लू।
तोरूल एस रवीश, उपायुक्त कुल्लू ने जिला पुस्तकालय एवं लर्निंग समिति की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पुस्तकालय से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में अगस्त माह में आयोजित पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति पर चर्चा की गई, जिसमें बताया गया कि अधिकतर मुद्दों पर कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

उपायुक्त ने पुस्तकालय के उपयोग हेतु निर्धारित 600 रुपये प्रति छमाही शुल्क को लेकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई गरीब या जरूरतमंद छात्र शुल्क देने में असमर्थ है, तो वह अपनी असमर्थता जिला पुस्तकालय के माध्यम से समिति तक पहुंचा सकता है, जिस पर समिति द्वारा सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिला पुस्तकालय कुल्लू को डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत आधुनिक तकनीक के उपयोग से पाठकों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उपायुक्त ने पुस्तकालय को और अधिक उपयोगी बनाने के लिए नई पुस्तकों की खरीद, पुस्तकों की वैज्ञानिक ढंग से कैटालॉगिंग तथा इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, पुस्तकालय में उपलब्ध दुर्लभ एवं ऐतिहासिक पुस्तकों के डिजिटलाइजेशन पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि इन बहुमूल्य पुस्तकों का संरक्षण किया जा सके और भविष्य की पीढ़ियों तक इनकी पहुंच सुनिश्चित हो।
बैठक में जिला पुस्तकालय परिसर में बुक कैफे स्थापित करने के लिए कोटेशन (निविदा) आमंत्रित करने को समिति की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, प्रोजेक्टर एवं स्क्रीन के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए इन्हें अटल सदन स्थित सेमिनार हॉल में स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त जयवंती ठाकुर, एसडीएम निशांत ठाकुर, एक्सईएन बी.एस. नेगी तथा समिति सदस्य डॉ. निरंजन देव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी सदस्यों ने जिला पुस्तकालय को आधुनिक ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।




























