फ्रंट पेज न्यूज़ कुल्लू (बंजार)
जिला कुल्लू की ग्राम पंचायत नोहांडा और तुंग से जुड़े कई दिव्यांगता प्रमाण पत्रों को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत दायर आरटीआई से खुलासा हुआ है कि कई लाभार्थियों के प्रमाण पत्र संदिग्ध या अप्रमाणित पाए गए हैं।
यह आरटीआई इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल काउंसिल हिमाचल प्रदेश के राज्य समन्वयक अमर सिंह ठाकुर द्वारा दायर की गई थी। जवाब में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ने बताया कि कुछ मामले पहले ही संदिग्ध पाए जा चुके हैं और 1 अगस्त 2022 को इस संबंध में उप-मंडल दंडाधिकारी, बंजार को पत्र लिखकर जांच और अंतिम सत्यापन तक सरकारी लाभ रोकने का अनुरोध किया गया था।

अस्पताल प्रशासन ने संबंधित लाभार्थियों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस भी जारी किए हैं। तय समय में पुनर्मूल्यांकन न कराने पर उनका दिव्यांगता प्रमाण पत्र और UDID कार्ड रद्द किए जा सकते हैं। आरटीआई से यह भी सामने आया कि कई लाभार्थियों के रिकॉर्ड UDID पोर्टल पर भी नहीं मिल पा रहे हैं क्योंकि उनके नंबर गलत या अधूरे हैं।
इस पूरे मामले की जानकारी जिला कल्याण अधिकारी को भी दे दी गई है। अब मांग उठ रही है कि दिव्यांगता के आधार पर सरकारी नौकरी और योजनाओं का लाभ लेने वाले सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो। यदि कोई प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया तो संबंधित लोगों और इसमें शामिल बिचौलियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और असली दिव्यांगजनों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
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