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पर्यटन, प्रकृति और समुदाय के संतुलन की ओर: जेबीटीडीए के साथ जीभी घाटी का नया भविष्य

On: January 5, 2026 8:17 PM
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फ्रंट पेज न्यूज़ जिभी।
जिभी वैली टूरिज़्म डेवलपमेंट एसोसिएशन (JVTDA) की जनरल हाउस मीटिंग जिभी घाटी में सौहार्दपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

बैठक में होमस्टे संचालकों, स्थानीय उद्यमियों, दुकानदारों, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों तथा आम सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।


बैठक का शुभारंभ स्वागत सत्र से हुआ, जिसमें उपस्थित अतिथियों एवं सदस्यों का अभिनंदन करते हुए जिभी घाटी के पर्यटन विकास में सामूहिक सहभागिता, आपसी समन्वय एवं संगठनात्मक एकता के महत्व पर बल दिया गया।
उद्घाटन सत्र में जिभी घाटी में सतत, संतुलित एवं संरचित पर्यटन विकास को लेकर JVTDA की दूरदर्शी सोच एवं दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। इसके पश्चात संगठन की अब तक की उपलब्धियों पर आधारित एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें विभिन्न पहलों, जागरूकता अभियानों, स्थानीय समुदाय की सहभागिता तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं की जानकारी साझा की गई।


इस अवसर पर JVTDA के अध्यक्ष किशन चौहान ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य स्थायी, स्वस्थ एवं दीर्घकालिक पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि होटल, होमस्टे एवं पर्यटन से जुड़े सभी व्यवसायियों को JVTDA से जोड़कर उन्हें उचित मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने प्रतिष्ठानों का पंजीकरण सहित अन्य औपचारिकताएँ सुचारु रूप से पूर्ण कर सकें और पर्यटन को सही दिशा दी जा सके।
अध्यक्ष ने राष्ट्रीय राजमार्ग-305 (NH-305) की जर्जर स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क की बदहाली पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट करने का प्रयास करेगा।


बैठक के दौरान निर्धारित एजेंडा बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। इनमें क्षेत्र में बढ़ती पर्यटन गतिविधियाँ, बुनियादी सुविधाओं की स्थिति, अवैध एवं अनियंत्रित पर्यटन इकाइयाँ, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय संस्कृति की सुरक्षा तथा भविष्य की चुनौतियाँ प्रमुख रहीं। सदस्यों द्वारा रखी गई समस्याओं एवं सुझावों पर संगठनात्मक स्तर पर समाधान निकालने पर सहमति बनी।
आमंत्रित अतिथियों एवं मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में JVTDA के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिभी घाटी में पर्यटन का दीर्घकालिक विकास तभी संभव है, जब विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखा जाए तथा स्थानीय समुदाय को निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाया जाए।
प्रश्नोत्तर सत्र में सदस्यों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव रखे, जिससे बैठक और अधिक पारदर्शी, लोकतांत्रिक एवं सहभागितापूर्ण बनी।
बैठक का समापन JVTDA के सचिव ललित ठाकुर द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने सभी उपस्थित सदस्यों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एसोसिएशन भविष्य में भी जिभी घाटी के संगठित, जिम्मेदार एवं टिकाऊ पर्यटन विकास हेतु एकजुट होकर कार्य करती रहेगी।

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