बंजार (फ्रंटपेज न्यूज़) जिला कुल्लू की तीर्थन घाटी के झनीयार गांव में सोमवार को भीषण आगजनी की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। यह दिन गांव के लोगों के लिए अमावस्या की अंधेरी रात साबित हुआ, जब देखते ही देखते उनकी जीवनभर की कमाई राख में बदल गई। तिनका-तिनका जोड़कर बनाए घर पलक झपकते ही राख हो गए।
इस विनाशकारी अग्निकांड में 16 मकान, 4 गौशालाएं और 2 देवता मंदिर (वीमू नाग की कोठी व जोगनी माता मंदिर) पूरी तरह जलकर राख हो गए। एक मवेशी की भी इस हादसे में जलकर मौत हो गई। कुल 20 परिवार बेघर हो गए हैं, जो अब ठंड के मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुई, जब कैलाश चंद पुत्र केहर सिंह की दोमंजिला गौशाला (पड़ाछा) में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पास के रिहायशी मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि तेज़ हवा और लकड़ी से बने पारंपरिक मकानों के कारण आग ने बहुत तेज़ी से फैलाव लिया।


सूत्रों के मुताबिक, आग शॉर्ट सर्किट या रसोई के चूल्हे से फैली होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बाल्टियों, पाइपों और बर्फ पिघला कर पानी डालते हुए दमकल कर्मियों की मदद की। संकरी पहाड़ी गलियों और ऊँचाई वाले रास्तों के कारण आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम बंजार पंकज शर्मा, पुलिस टीम और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। प्रभावित परिवारों को तत्काल खाद्य सामग्री, कंबल और तिरपाल वितरित किए गए। प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस भीषण अग्निकांड में लगभग ₹4.20 करोड़ का नुकसान हुआ है।

विधायक बंजार सुरेंद्र शौरी भी सायंकाल पैदल घटना स्थल पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन से हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। शौरी ने कहा कि शीघ्र ही सभी प्रभावितों को राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराया जाएगा।

इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के आदेश दिए हैं। वहीं, विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उनका एनजीओ भी गांव की सहायता करेगा और समाज के सभी वर्गों से प्रभावित परिवारों की खुलकर मदद करने की अपील की है।
झनीयार गांव में इस विनाशकारी आगजनी ने पूरे क्षेत्र में मातम छा दिया है। लोगों की आंखों में आंसू हैं और जीवनभर की पूंजी अब सिर्फ राख के ढेरों में बदल चुकी है।












