फ्रंट पेज न्यूज़ बंजार।
गणपति देवता ईश्वर महादेव पलाच के गुरु आज परंपरागत देव विधि के अनुसार तीसरे दिन कलवारी पंचायत की “चऊरीसह” में देव खेल आई। देव परंपरा के अनुसार ईश्वर महादेव जी के गुरु का चयन वुगडू महादेव के गौशाला स्थल पर किया जाता है। इसके पश्चात देवता पुनः पलाच लौटकर कलवारी पंचायत की चऊरीसह में “मीटणे” अर्थात खेल आने तक प्रतिदिन यह क्रम चलता रहा।

तीसरे दिन आज सायंकाल देव प्रभाव से चिन्हित ईश्वरलाल जी को खेल आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान कई विशेष एवं चमत्कारिक दृश्य देखने को मिले, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
देव परंपरा के अनुसार आज ही ईश्वर महादेव कलवारी पंचायत से वापस कोठीखल जमद के लिए प्रस्थान करेंगे। कल धमेऊली में, जहां ईश्वर महादेव जी का मुख्य मंदिर स्थित है, वहां “गाड़ू” (एक विशेष धार्मिक प्रक्रिया) संपन्न होगी इसके उपरांत देव आज्ञा के अनुसार वुगडू महादेव जी के मंदिर स्थित गौशाला गाड़ू में आगे की देव प्रक्रियाएं पूर्ण की जाएंगी।
यह संपूर्ण आयोजन क्षेत्र की प्राचीन देव संस्कृति, आस्था और परंपराओं का जीवंत उदाहरण है।













