फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला।
मुख्यमंत्री Thakur Sukhvinder Singh Sukhu ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लंबित राशि को शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पांगी, लाहौल-स्पीति, डोडरा-क्वार और कुपवी जैसे जनजातीय व दुर्गम क्षेत्रों की पात्र लाभार्थी महिलाओं को प्राथमिकता देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर और बिना बाधा अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।
8.47 लाख से अधिक लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 8,47,917 पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। इसमें—
1,04,740 लाभार्थी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन
5,04,253 लाभार्थी वृद्धावस्था पेंशन
25,414 लाभार्थी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन
1,25,808 लाभार्थी विधवा, निराश्रित एवं एकल महिला पेंशन
1,340 लाभार्थी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन
78,291 लाभार्थी दिव्यांग राहत भत्ता प्राप्त कर रहे हैं।
तीन वर्षों में लगभग एक लाख नए पेंशन मामले स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 99,799 नए सामाजिक सुरक्षा पेंशन मामले स्वीकृत किए गए हैं—
वर्ष 2023-24 में 41,799
वर्ष 2024-25 में 41,012
वर्ष 2025-26 में अब तक 16,988 मामले
यह आंकड़े सरकार की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
शिक्षा व आश्रय योजनाओं से बच्चों और युवाओं को सहारा
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत—
0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 20,735
18 से 27 वर्ष आयु वर्ग के 853 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
वहीं मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ₹1,000, ₹2,500 और ₹4,000 प्रतिमाह सहायता प्रदान की जा रही है।
तकनीक से समयबद्ध लाभ वितरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि पेंशन और वित्तीय सहायता के चयन व वितरण के लिए आधुनिक आईटी-आधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि नए पेंशनरों का चयन और भुगतान समय पर हो सके।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभाष सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, महिला एवं बाल विकास निदेशक डॉ. पंकज ललित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा— “सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की जीवनरेखा हैं। इनका समय पर क्रियान्वयन हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है




























