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आईजीएमसी विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग, भाजपा के दो विधायक आमने-सामने

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फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला। हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में मरीज और डॉक्टर के बीच हुआ विवाद अब केवल अस्पताल प्रशासन तक सीमित नहीं रहा। यह मामला धीरे-धीरे राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। प्रदेशभर के रेजिडेंट डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल के ऐलान के बीच अब भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी इस प्रकरण को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
इस विवाद में भाजपा के दो विधायक एक-दूसरे के विपरीत रुख अपनाते नजर आ रहे हैं। मारपीट में घायल बताए जा रहे मरीज अर्जुन पंवार शिमला जिले के चौपाल विधानसभा क्षेत्र से हैं। क्षेत्र के भाजपा विधायक बलवीर वर्मा ने मरीज से मुलाकात कर उसके पक्ष में आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि अर्जुन एक शांत स्वभाव का व्यक्ति है और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके।
वहीं दूसरी ओर आरोपी डॉक्टर राघव का संबंध सिरमौर जिले के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र से बताया जा रहा है। पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुखराम चौधरी डॉक्टरों के समर्थन में खुलकर सामने आए। वह शहर में डॉक्टरों के समर्थन में हुए धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक ज्ञापन भेजे जाने की बात कही। उनका कहना था कि डॉक्टरों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
इस घटनाक्रम के बाद यह साफ हो गया है कि एक ही पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर दो धड़े बन गए हैं। एक धड़ा मरीज के पक्ष में खड़ा दिख रहा है, जबकि दूसरा डॉक्टरों के समर्थन में सड़कों पर उतर आया है। इससे न केवल भाजपा की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठे हैं, बल्कि यह मामला सामाजिक से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार पर जल्दबाजी में कठोर निर्णय लेने का आरोप लगाया, हालांकि यह भी स्वीकार किया कि विवाद में दोनों पक्षों की कुछ न कुछ गलती रही है और समय रहते बातचीत से समाधान निकाला जा सकता था।
उधर पांवटा साहिब में डॉक्टर राघव के समर्थन में रोष रैली निकाली गई और दोपहर तक बाजार बंद रखा गया। स्थानीय लोगों ने डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इसी बीच आरोपी डॉक्टर की मां की प्रतिक्रिया भी सामने आई है, जिन्होंने अपने बेटे के साथ अन्याय होने का आरोप लगाया।
इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। आईजीएमसी सहित प्रदेश के रेजिडेंट डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ हुई बैठक के कुछ ही घंटों बाद डॉक्टर संगठनों ने यह फैसला लिया, जिससे आने वाले दिनों में मरीजों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

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