फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला। हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के लिए HRTC बसों में मिलने वाली मुफ्त यात्रा सुविधा अब पहले जैसी सरल नहीं रहेगी। प्रदेश सरकार ने फ्री ट्रैवल पॉलिसी में अहम बदलाव करते हुए इसे पहचान और पंजीकरण से जोड़ दिया है। अब बस में चढ़ते ही “फ्री है” कहकर यात्रा संभव नहीं होगी, बल्कि मुफ्त या रियायती सफर के लिए पहले ‘हिम बस कार्ड’ बनवाना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी और वास्तविक लाभार्थियों तक ही सुविधा सीमित रहेगी।
31 जनवरी 2026 तक कार्ड बनवाना अनिवार्य
सरकार की ओर से जारी नए अपडेट के अनुसार, प्रदेश के सभी 12 जिलों की महिलाओं को 31 जनवरी 2026 से पहले हिम बस कार्ड बनवाना होगा। इसके बाद HRTC बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट या मुफ्त यात्रा का लाभ केवल कार्डधारकों को ही मिलेगा। बिना कार्ड किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।
236 रुपये शुल्क तय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और स्कूली छात्रों दोनों को ही मुफ्त या रियायती यात्रा के लिए हिम बस कार्ड बनवाना होगा। इस कार्ड के लिए 236 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। अब तक महिलाओं को बिना किसी विशेष पहचान पत्र के भी फ्री यात्रा की सुविधा मिल जाती थी, लेकिन नई व्यवस्था में यह सुविधा समाप्त कर दी गई है।
कैबिनेट बैठक में हुआ निर्णय
यह फैसला शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया। बैठक में हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की मुफ्त यात्रा योजना की समीक्षा की गई, जिसके बाद इसे कार्ड आधारित प्रणाली से जोड़ने की मंजूरी दी गई।
स्कूली छात्रों पर भी लागू होगा नियम
नई व्यवस्था केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहेगी। स्कूली छात्रों को भी बसों में रियायती या मुफ्त यात्रा के लिए यही प्रक्रिया अपनानी होगी। सरकार का तर्क है कि इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और HRTC को हो रहे आर्थिक नुकसान को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
सरकार का दावा है कि यह कदम भविष्य में परिवहन व्यवस्था को अधिक संगठित, पारदर्शी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में सहायक साबित होगा।
HRTC फ्री ट्रैवल नियम बदले: अब महिलाओं को मुफ्त/रियायती सफर के लिए बनवाना होगा ‘हिम बस कार्ड’











