फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला। हिमाचल प्रदेश में हरियाली बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज वन विभाग ने सिंगापुर स्थित कंपनी Proclime के साथ एक अहम समझौता (MoU) किया। यह करार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की मौजूदगी में Him Evergreen Project के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता के साथ प्रदेश में बड़े पैमाने पर वनीकरण को बढ़ावा देना है।
समझौते पर प्रदेश सरकार की ओर से प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय सूद ने हस्ताक्षर किए, जबकि कंपनी की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी केविन कुमार कंडसामी ने MoU पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सुशील सिंगला, Proclime के टेक्निकल डायरेक्टर सम्राट सेनगुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री बोले: किसानों की आय बढ़ाने और जलवायु संरक्षण का अनूठा मॉडल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह अफॉरेस्टेशन एवं कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट न केवल प्रदेश के पर्यावरण को मजबूत करेगा, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि—
इस परियोजना से प्रदेश के 50,000 से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।
किसानों की जमीन, मेड़ों और बंजर क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाएगा।
सरकार किसानों को वित्तीय सहायता और पूरा हैंडहोल्डिंग सपोर्ट देगी।
कार्बन क्रेडिट का लाभ किसान पांच साल बाद प्राप्त कर सकेंगे।
कंपनी के मुनाफे का 30 प्रतिशत हिस्सा सीधे किसानों को दिया जाएगा।
तीन चरणों में लागू होगा Him Evergreen Project
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। परियोजना से—
हिमाचल का हरा आवरण तेजी से बढ़ेगा
बड़े पैमाने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे
खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी
कटान और क्षरण में कमी आएगी
फार्म-बायोडायवर्सिटी बढ़ेगी
किसानों को अतिरिक्त आय के रास्ते खुलेंगे
उन्होंने कहा कि यह पहल जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण में राज्य की बड़ी भूमिका सुनिश्चित करेगी और देश के दीर्घकालिक नेट-ज़ीरो लक्ष्य में भी अहम योगदान देगी।
कार्बन सेक्वेस्ट्रेशन के माध्यम से दीर्घकालिक लाभ
सरकार को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट भविष्य में हिमाचल को कार्बन सेक्वेस्ट्रेशन और नेचर-आधारित समाधान के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाएगा। यह न केवल पर्यावरण को सुरक्षित करेगा, बल्कि किसानों को स्थायी आय का भरोसेमंद मॉडल भी प्रदान करेगा।




























