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औद्योगिक विकास में हिमाचल की बड़ी छलांग ग्रामीण उद्योग हमारी प्राथमिकता, वैश्विक निवेश गंतव्य बन रहा प्रदेश: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

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फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला
हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री Thakur Sukhvinder Singh Sukhu ने सोमवार को राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को लेकर सरकार की दूरदर्शी और परिवर्तनकारी नीति को सामने रखते हुए कहा कि ग्रामीण आधारित, टिकाऊ और हरित उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि “इंडस्ट्री थ्रू इनविटेशन” पहल के माध्यम से राज्य सरकार निवेशकों का इंतजार नहीं कर रही, बल्कि एक स्पष्ट रोडमैप के साथ उन्हें आमंत्रित कर रही है। इस सक्रिय नीति के चलते हिमाचल प्रदेश आज हाई-टेक, पर्यावरण अनुकूल और ग्रामीण केंद्रित उद्योगों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
₹5,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि दुबई और जापान जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तथा मुंबई जैसे देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में की गई आउटरीच के परिणामस्वरूप बीते तीन वर्षों में ₹5,000 करोड़ से अधिक के निवेश समझौते हासिल किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने अब तक 683 औद्योगिक परियोजनाओं को स्वीकृति दी है, जिनका कुल निवेश ₹14,000 करोड़ है। इन परियोजनाओं से प्रदेश के लगभग 32,000 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
हरित ऊर्जा और भविष्य के क्षेत्रों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़ते हुए भविष्य के क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। इनमें:
हरित ऊर्जा एवं ग्रीन हाइड्रोजन
पर्यावरण अनुकूल परिवहन
एमएसएमई और स्टार्टअप
सौर ऊर्जा एवं डिजिटल अवसंरचना
कृषि, डेयरी और फूड प्रोसेसिंग का आधुनिकीकरण
शामिल हैं, जिससे ग्रामीण किसानों और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
एमएसएमई को सशक्त बनाने की पहल
एमएसएमई को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण उद्योगों को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार को ₹1,542 करोड़ के प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिनमें से ₹109.34 करोड़ की प्रारंभिक राशि स्वीकृत हो चुकी है।
स्टार्टअप संस्कृति को नई दिशा
मुख्यमंत्री ने बताया कि नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 14 इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें IIT Mandi, IIM Sirmaur और AIIMS Bilaspur जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं।
वर्तमान में 107 स्टार्टअप सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं, जबकि 407 स्टार्टअप विकास के चरण में हैं।
स्वावलंबन योजना से रोजगार को बल
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 1,607 स्वरोजगार इकाइयों को मंजूरी दी गई है, जिनमें ₹373.87 करोड़ का निवेश हुआ है और इससे 3,500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
निवेशकों के लिए आसान व्यवस्था
निवेशकों को सहज अनुभव देने के लिए राज्य सरकार ने:
180 सेवाओं को एकीकृत सिंगल विंडो पोर्टल से जोड़ा
औद्योगिक भवनों के लिए भूमि उपयोग सीमा 70% तक बढ़ाई
बढ़ती मांग को देखते हुए 13 नए बड़े व सूक्ष्म औद्योगिक क्षेत्र अधिसूचित किए
राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें:
स्टेट स्टार्टअप रैंकिंग 2023 में बेस्ट परफॉर्मर अवार्ड
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2024 में एस्पिरेंट स्टेट अवार्ड
पीएमएफएमई योजना के तहत प्रथम पुरस्कार
डीपीआईआईटी (2025) द्वारा स्वास्थ्य, सेवाओं और कंस्ट्रक्शन परमिट में उत्कृष्ट प्रदर्शन की मान्यता
मुख्यमंत्री ने कहा, “ये पुरस्कार हमारी पारदर्शी और कुशल शासन प्रणाली का प्रमाण हैं। हिमाचल प्रदेश व्यापार के लिए पूरी तरह खुला है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के हर नागरिक तक पहुंचे।”

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