फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 21 मार्च को प्रस्तुत होने वाले राज्य बजट से पहले पेंशनरों ने अपनी लंबित वित्तीय देनदारियों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। प्रदेश पेंशनभोगी संघ ने मुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से आगामी बजट में पेंशनरों के बकाया भुगतान के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान करने की मांग की है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष एल.आर. गुलशन ने कहा कि पिछले चार वर्षों से सरकार पेंशनरों की लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियों का भुगतान नहीं कर पाई है। इसमें एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक संशोधित वेतनमान के एरियर, ग्रेच्युटी, पेंशन कम्युटेशन, 13 प्रतिशत महंगाई भत्ते की पांच किस्तों का भुगतान, जनवरी 2022 से लंबित महंगाई भत्ते के एरियर और चिकित्सा बिलों की अदायगी शामिल है।

उन्होंने कहा कि पेंशनर लंबे समय से इन बकाया भुगतानों का इंतजार कर रहे हैं और इसको लेकर संगठन लगातार संघर्षरत है। इसके बावजूद सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे पेंशनरों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
एल.आर. गुलशन ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी बजट में इन सभी वित्तीय देनदारियों के एकमुश्त भुगतान के लिए ठोस प्रावधान नहीं किया गया, तो पेंशनभोगी संघ अपना आंदोलन और तेज करने को बाध्य होगा।
अब सबकी नजरें 21 मार्च को पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं, जिससे पेंशनरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।














