फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव नजदीक आते ही राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने 17 नवंबर 2025 को अधिसूचना जारी कर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट 2020 की धारा 12.1 को पूरे प्रदेश में तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। इस धारा के लागू होने के बाद अब पंचायतों और नगर निकायों की सीमाओं, संरचना या क्षेत्र में किसी भी प्रकार का परिवर्तन चुनाव समाप्त होने तक प्रतिबंधित रहेगा।
कब खत्म हो रहा है पंचायत व नगर निकायों का कार्यकाल?
ग्राम पंचायतें, पंचायत समितियां, जिला परिषदें: 31 जनवरी 2026

50 शहरी स्थानीय निकाय: 18 जनवरी 2026
4 नगर निगम (धर्मशाला, पालमपुर, मंडी, सोलन): 13 अप्रैल 2026
5 नगर पंचायतें (अंब, चिरगांव, कंडाघाट, नेरवा, निरमंड): 16 अप्रैल 2026
प्रदेश भर में चुनावी प्रक्रिया का समय बेहद कम बचा है—पंचायतों के लिए 75 दिन से कम, और अधिकांश ULBs के लिए करीब 60 दिन।
सीमांकन और मतदाता सूची का काम पूरा
3577 ग्राम पंचायत, 90 पंचायत समितियां, 11 जिला परिषदें और 71 नगर निकायों का सीमांकन अंतिम रूप से अधिसूचित
3548 ग्राम पंचायतों व 70 ULBs की मतदाता सूची अंतिम
29 ग्राम पंचायतों व 1 ULB की मतदाता सूची 1 व 7 दिसंबर 2025 को अंतिम चरण में
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का सीधा असर
आयोग ने अपनी अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट के उस महत्वपूर्ण आदेश का हवाला दिया है जिसमें कहा गया है कि पंचायती राज व शहरी निकाय चुनावों की प्रक्रिया उनके कार्यकाल खत्म होने से छह माह पहले शुरू हो जानी चाहिए। यह आदेश पंजाब बनाम बेंट कुमार केस में दिया गया था।
सीमाएं ‘फ्रीज’, कोई बदलाव नहीं
आयोग ने सरकार को कई पत्र लिखकर पहले ही सूचित किया था कि सीमांकन अधिसूचना जारी होते ही सीमाएं फ्रीज मानी जाएंगी।
नई अधिसूचना के बाद—
✔ कोई नया वार्ड नहीं बनाया जाएगा
✔ किसी वार्ड की सीमा में कोई कटौती या वृद्धि नहीं
✔ कोई पुनर्वर्गीकरण या क्षेत्रीय परिवर्तन नहीं
जब तक चुनाव पूरी तरह संपन्न नहीं हो जाते, यह प्रतिबंध कायम रहेगा।
आयोग की अपील — पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल कुमार खाची ने आदेश जारी करते हुए सभी विभागों, जिला चुनाव अधिकारियों, पंचायती राज व शहरी विकास विभागों को इस प्रावधान का सख्ती से पालन करने को कहा है।
अधिसूचना की प्रतियां राज्यपाल सचिवालय, मुख्य सचिव, सभी सचिव स्तरीय अधिकारियों और जिला अधिकारियों को भेज दी गई हैं।












