फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला।
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर प्रदेश के युवाओं, कर्मचारियों, खेल ढांचे, पुलिस व्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र पर पड़ेगा।
कैबिनेट बैठक में रोजगार के नए अवसर सृजित करने, अधूरी पड़ी परियोजनाओं पर सख्त कदम उठाने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से कई विभागों में पद भरने की मंजूरी दी गई। तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 कनिष्ठ सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की जाएगी।
इसके अलावा सहकारिता विभाग में सहायक पंजीयक सहकारी समितियों के दो पद और निरीक्षक सहकारी समितियों के 30 पद भरे जाएंगे। खेल क्षेत्र को मजबूती देने के लिए शिक्षा विभाग के खेल छात्रावासों में 16 प्रशिक्षकों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है। वहीं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के तीन पद भरे जाएंगे।
जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को भी सरकार ने राहत दी है। यदि केंद्र सरकार से धनराशि समय पर जारी नहीं होती है, तो इन कर्मचारियों का वेतन राज्य सरकार अपने संसाधनों से देगी। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा क्षेत्र में कैबिनेट ने बड़ा और सख्त निर्णय लेते हुए 15 लंबित जल विद्युत परियोजनाओं को रद्द करने की मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं एकमुश्त माफी योजना का लाभ लेने के बावजूद वर्षों से शुरू नहीं हो पाई थीं।
इसके अलावा पंडोह में प्रस्तावित 10 मेगावाट की छोटी जल विद्युत परियोजना को Bhakra Beas Management Board को देने का फैसला लिया गया है। इसके बदले राज्य सरकार को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली हिस्सेदारी के रूप में मिलेगी।

खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए हमीरपुर जिले के खरड़ी स्थित खेल छात्रावास की बिस्तर क्षमता बढ़ाकर 100 करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही इसे राज्य स्तरीय “खेल उत्कृष्टता केंद्र” के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकें।
कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गगरेट में उपमंडलीय पुलिस कार्यालय स्थापित करने और पुलिस जिला नूरपुर में कोटला पुलिस चौकी को पुलिस थाना बनाने को भी मंजूरी दी गई है।
औद्योगिक क्षेत्रों में आपात सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए ऊना जिले के टाहलीवाल स्थित अग्निशमन चौकी को उप अग्निशमन केंद्र में अपग्रेड किया जाएगा।
इसके साथ ही कैबिनेट ने Himachal Pradesh Housing and Urban Development Authority से जुड़े पट्टा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। अब राज्य सरकार हिमुडा के पक्ष में जमीन को 80 वर्षों तक के लिए पट्टे पर दे सकेगी, जबकि पहले इसकी अधिकतम अवधि 40 वर्ष थी।
सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण संशोधन किया है। हिमाचल प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम 2010 में ‘निर्धन’ की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए अब उन महिलाओं को भी इस श्रेणी में शामिल किया गया है, जो पति से अलग रह रही हैं और जिनकी कोई स्वतंत्र आय नहीं है। इससे ऐसी महिलाओं को सरकारी पेंशन योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
इसके अलावा लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के लिए वर्ष 2016 में चयनित सात पटवारियों को रिक्त पदों पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। वहीं सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जल वाहकों की सेवाओं को नियमित करने का भी फैसला लिया गया है।
जिन कर्मचारियों ने 31 मार्च 2025 तक 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें इस निर्णय का लाभ मिलेगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चंडीगढ़-शिमला हेली टैक्सी सेवा को विस्तार देने का फैसला किया है। अब यह सेवा सप्ताह में तीन के बजाय 12 राउंड चलेगी, यानी छह दिन तक रोजाना दो उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके लिए राज्य सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग उपलब्ध कराएगी, जिससे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।












