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थनोग् में देवता पलथान आगमन की पहली वर्षगाँठ पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब।



प्रभारी बीडीओ अंजना शर्मा रहीं मुख्यातिथि, विभिन्न देवी-देवताओं की खुंबड़ियों ने बढ़ाई शोभा

फ्रंट पेज न्यूज़ (शर्मा  सी आर)आनी (कुल्लू)
आनी खंड की ग्राम पंचायत तलुना के अंतर्गत थनोग् गाँव में स्थानीय आराध्य देवता पलथान जी देलठ के आगमन की पहली वर्षगाँठ बड़े ही धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सोमवार को शाखा मंदिर थनोग् में भव्य धार्मिक आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र भर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।


कार्यक्रम में देऊरी दुर्गा, विंगडी नाग, बाड़ी दुर्गा, कुलक्षेत्र महादेव ओलवा, झाकडू नाग रूना तथा अर्था देवता की खुंबड़ियों ने अपने कारकुनों और देवलुओं सहित भाग लिया। सभी देवताओं का स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया।
मंदिर परिसर में पुरोहित लग्न दास शर्मा और परस राम पिकु की अगुवाई में हवन, पाठ और यज्ञ जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। पूर्णाहुति के बाद सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। वहीं, सेवानिवृत्त खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी शेर सिंह चौहान द्वारा भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई।


इस दौरान देवता पलथान के गुर ने खेल में आकर देववाणी के माध्यम से अपना फलादेश सुनाया और श्रद्धालुओं को सरसों के दानों के रूप में आशीर्वाद प्रदान किया, जिसे भक्तों ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।


कार्यक्रम में कार्यकारी खंड विकास अधिकारी अंजना शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने देवता के समक्ष शीश नवाते हुए मंदिर विकास के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

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देवता के कारदार तिलक वर्मा ने बताया कि थनोग् गाँव के पूर्वज देलठ राजघराने में राणे के रूप में विख्यात थे। किसी कारणवश उनका तत्कालीन राजा से मनमुटाव हो गया, जिसके बाद वे देलठ से अन्य क्षेत्रों की ओर चले गए। उनके साथ कोपटु के सेवादार भी आए। कालांतर में वे अपने इष्ट देवता पलथान के अंश को साथ लेकर थनोग् गाँव में आकर बस गए।


उन्होंने बताया कि देवता पलथान ने स्वयं गुर के माध्यम से थनोग् आने की इच्छा प्रकट की थी, जिसके बाद देव समाज के कारकुनों ने स्थानीय लोगों को सूचित किया। इसके पश्चात 6 अप्रैल 2025 को देवता पलथान अपने रथ में सवार होकर कारकुनों और देवलुओं के साथ थनोग् गाँव पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में हर वर्ष 6 अप्रैल को यह वर्षगाँठ मनाई जाती है।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता परस राम, उत्तम ठाकुर, कुशल वर्मा, मोहन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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