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देवता श्री अनन्त बालू नाग ने दिखाई मानवीय संवेदना, आपदा राहत कोष में अर्पित किए 88 हजार रुपये

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कुल्लू।  देवभूमि कुल्लू की देव संस्कृति सिर्फ आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना की प्रेरणा भी है। इसका ज्वलंत उदाहरण शुक्रवार को देखने को मिला, जब देवता श्री अनन्त बालू नाग (तांदी कोठी शिकारी, बंजार) की देव समिति ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के अवसर पर प्राप्त नजराना राशि ₹88,000 आपदा राहत कार्यों के लिए समर्पित की।

देवता श्री अनन्त बालू नाग के कारदार ख्याली राम मेहता, बलबीर सिंह और हरियानों ने उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस. रवीश को यह राशि भेंट की। उन्होंने बताया कि यह भेंट आपदा से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए दी जा रही है, ताकि संकट की इस घड़ी में पीड़ितों को राहत मिल सके और समाज में सहयोग की भावना बनी रहे।

उपायुक्त तोरुल एस. रवीश ने देवता श्री अनन्त बालू नाग समिति के इस मानवीय योगदान की भूरी-भूरी प्रशंसा की और देव समाज के प्रति प्रशासन की ओर से गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “आपदा के समय देव समाज का यह सहयोग अत्यंत प्रेरणादायक है। यह न केवल राहत कार्यों को गति देगा बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी प्रसारित करेगा।”

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के इस पावन अवसर पर देवता समिति द्वारा किया गया यह योगदान देवभूमि की उस जीवंत परंपरा को दर्शाता है, जहाँ श्रद्धा और सेवा एक साथ चलती हैं। देव समाज की यह पहल निश्चित रूप से अन्य संस्थाओं और श्रद्धालुओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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