फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को अब निर्णायक रफ्तार मिलने जा रही है। प्रदेश से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक पार्टी का नया ढांचा एक माह के भीतर खड़ा कर दिया जाएगा। दिल्ली से लौटने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने राजीव भवन शिमला में मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया कि संगठन को अब आधे-अधूरे ढंग से नहीं, बल्कि पूरी राजनीतिक रणनीति और संतुलन के साथ नए सिरे से गढ़ा जाएगा।

विनय कुमार ने बताया कि हाल ही में दिल्ली में राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन सृजन अभियान की पूरी रूपरेखा तय कर ली गई है। इसके तहत प्रदेश कार्यकारिणी के साथ-साथ पार्टी के सभी प्रकोष्ठों का भी गठन एक तय समय-सीमा में पूरा किया जाएगा। संदेश साफ है—कांग्रेस अब संगठन के मोर्चे पर ढील नहीं, बल्कि सख्ती और स्पष्टता के साथ आगे बढ़ेगी।
महिलाओं को मिलेगा प्रतिनिधित्व, वन मैन-वन पोस्ट लागू
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर महिला वर्ग को भी ठोस प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। साथ ही संगठन में वन मैन–वन पोस्ट का सिद्धांत लागू होगा। जिन नेताओं को सरकार में स्थान नहीं मिल पाया है, उन्हें संगठन में जिम्मेदारी देकर समायोजित किया जाएगा, जबकि पार्टी को सींचने वाले पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को भी सम्मानजनक भूमिका दी जाएगी।
शिमला ग्रामीण और किन्नौर को जल्द मिलेंगे अध्यक्ष
शिमला ग्रामीण और किन्नौर जिलों में अभी तक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति न होने पर उठे सवालों पर विनय कुमार ने कहा कि दोनों जिलों में जल्द ही तैनाती कर दी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि इसके पीछे किसी तरह की गुटबाजी नहीं, बल्कि संगठनात्मक प्रक्रिया ही कारण है।
अनुशासन पर ज़ीरो टॉलरेंस
विनय कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों से ऐसी कोई टिप्पणी न करें, जिससे पार्टी को नुकसान पहुंचे। मंडी प्रकरण पर भी उन्होंने कहा कि इसे बेवजह तूल दिया जा रहा है—कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और जल्द ही नए स्वरूप में सामने आएगी।
मनरेगा पर केंद्र पर तीखा हमला, गांधी प्रतिमा के समक्ष उपवास
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर मनरेगा का गला घोंटने का गंभीर आरोप लगाया और कहा कि इसी के विरोध में मनरेगा बचाव अभियान को अब पंचायत और बूथ स्तर तक ले जाया जाएगा। इसी कड़ी में शुक्रवार को शिमला के रिज मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस उपवास पर बैठेगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, पार्टी नेता और मनरेगा श्रमिक शामिल होंगे।
यूजीसी पर संतुलित रुख: भेदभाव खत्म होना चाहिए
यूजीसी मुद्दे पर विनय कुमार ने कहा कि विरोध सिर्फ विरोध के लिए नहीं होना चाहिए। केंद्र सरकार ने अपनी गलती सुधारी है और भेदभाव रोकने के लिए कानून बनाया गया है। भारत में किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए—यह कानून की भावना है और यही लोकतंत्र की बुनियाद भी।
बजट से हर वर्ग को उम्मीद
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश का हर वर्ग—किसान, बागवान, शोषित और पिछड़ा समाज—राहत की उम्मीद लगाए बैठा है। असली तस्वीर बजट आने के बाद सामने आएगी कि किसे क्या मिला और किसके हिस्से में क्या आया।
कुल मिलाकर संदेश साफ है: कांग्रेस अब संगठन के मोर्चे पर नए सिरे से, कड़े अनुशासन और संतुलित प्रतिनिधित्व के साथ, राजनीतिक लड़ाई के लिए खुद को तैयार कर रही है।




























