फ्रंट पेज न्यूज़ धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के खतरे को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को धर्मशाला में आयोजित ऐतिहासिक वॉकथॉन से ऐसा संदेश दिया, जिसने पूरे राज्य में नई ऊर्जा भर दी। पुलिस ग्राउंड में जनसैलाब को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब लड़ाई पहले से ज्यादा बड़ी, सख्त और निर्णायक होगी।
“मैं मुख्यमंत्री नहीं, हिमाचल का नागरिक बनकर आया हूँ”
सुक्खू ने मंच से लोगों का अभिवादन करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ यह जंग केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा—
“देवभूमि में जहर बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। लड़ाई सिर्फ छोटे तस्करों से नहीं, बड़े नेटवर्क चलाने वालों से होगी।”

NDPS के तहत रिकॉर्ड कार्रवाई — बड़े सप्लायर अब मुख्य लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई तेज की गई और करीब 40 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियाँ अटैच की गईं।
उन्होंने साफ कहा कि अब अभियान छोटे डीलरों को पकड़ने पर नहीं रुकेगा — निशाना सीधे बड़े सप्लायरों और नेटवर्क के सरगनाओं पर होगा, जो इस काले कारोबार को नियंत्रित करते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने एंटी-STF को और अधिक शक्तिशाली, तकनीक आधारित एवं बहु-एजेंसी समन्वय वाली इकाई बनाने की घोषणा की।धर्मशाला बना चिट्टा-विरोधी आंदोलन का “सुपरचार्ज ज़ोन”
मुख्यमंत्री सुक्खू ने युवाओं के जोश से भरे माहौल में मंच से नारा बुलवाया—
“हम डरेंगे नहीं, हम लड़ेंगे… मेरा हिमाचल, चिट्टा मुक्त हिमाचल!”
उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर #ChittamuktHimachal अभियान चलाने की अपील की, ताकि यह मुहिम हर घर तक पहुँच सके।
सूचना देने वालों के लिए इनाम— पहचान गुप्त, इनाम 30 दिनों में
नशा माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए पहली बार सार्वजनिक मंच से पुरस्कार आधारित सूचना योजना का ऐलान किया गया।
इनाम इस प्रकार निर्धारित किए गए:
2 ग्राम चिट्टा: ₹10,000
5 ग्राम चिट्टा: ₹25,000
25 ग्राम चिट्टा: ₹50,000
1 किलो चिट्टा: ₹5,00,000
5 किलो चिट्टा: ₹10,00,000
बड़े ड्रग नेटवर्क के मुख्य सरगना की जानकारी: ₹5,00,000 अतिरिक्त
सूचना 112 पर गोपनीय रूप से दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने वादा किया कि सूचना देने वालों की पहचान सरकार किसी भी हाल में उजागर नहीं करेगी।
हिमाचल में नशामुक्ति की सबसे बड़ी जनलहर
वॉकथॉन में युवाओं, छात्रों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली। पूरा पुलिस ग्राउंड इस बात का प्रतीक बना कि हिमाचल के लोग अब नशे के खिलाफ निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हैं।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने यह भी दर्शाया कि सरकार इस अभियान को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है।
सीएम सुक्खू ने कहा
“अगर सरकार और जनता एक साथ खड़ी हो जाए, तो चिट्टा माफिया की जड़ों को उखाड़ने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।”















