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‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान के तहत HP पुलिस का राज्यव्यापी विशेष निरीक्षण अभियान, 433 कूरियर गोदामों की जांच

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फ्रंट पेज न्यूज़ शिमला।
हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बुधवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा शुरू किए गए “चिट्टा मुक्त हिमाचल” अभियान के तहत पूरे राज्य में विशेष राज्यस्तरीय निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कूरियर सेवाओं के माध्यम से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस विशेष अभियान के दौरान राज्य भर में कूरियर सेवा प्रदाताओं के गोदामों और वेयरहाउसों का गहन निरीक्षण और ऑडिट किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन सेवाओं का दुरुपयोग नशे की तस्करी के लिए न हो।
इस दौरान पूरे प्रदेश में कुल 433 कूरियर सेवा प्रदाताओं की जांच की गई। इनमें सोलन में 43, किन्नौर में 13, सिरमौर में 31, बद्दी में 40, मंडी में 69, कुल्लू में 34, लाहौल-स्पीति में 1, हमीरपुर में 37, बिलासपुर में 23, कांगड़ा में 69, नूरपुर में 17, देहरा में 18, चंबा में 22 और ऊना जिले में 16 कूरियर केंद्र शामिल हैं।
निरीक्षण के दौरान कूरियर सेवाओं की पूरी कार्यप्रणाली — पार्सल बुकिंग, भंडारण, परिवहन और अंतिम डिलीवरी — की विस्तार से जांच की गई। विशेष रूप से सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, कर्मचारियों की पहचान सत्यापन, रिकॉर्ड के रखरखाव और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के पालन पर जोर दिया गया। संदिग्ध पार्सलों की गहन जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री की तस्करी को रोका जा सके।
इसके साथ ही कूरियर कंपनियों के कर्मचारियों को एनडीपीएस एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया और उन्हें नशा तस्करों के तरीकों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई।
जहां कहीं भी प्रक्रियागत कमियां पाई गईं, वहां संबंधित कूरियर सेवा प्रदाताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए और समयबद्ध सुधारात्मक कदम उठाने के आदेश दिए गए। सभी सेवा प्रदाताओं को संभावित रेड फ्लैग संकेतों के बारे में भी बताया गया और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जरूरी क्या करें और क्या न करें की स्पष्ट जानकारी दी गई।
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह विशेष अभियान कूरियर चैनलों के जरिए होने वाली नशा तस्करी पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, बल्कि प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दोहराया कि वह “चिट्टा मुक्त हिमाचल” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस मुहिम में जनता व सभी सेवा प्रदाताओं से सहयोग की अपील की है।

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